Kaushlendra Pandey/उत्तर बिहार के दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी और शिवहर जिले में जलस्तर में आई गिरावट और संभावित पेयजल संकट को देखते हुए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ने 528 नए चापाकलों की स्थापना की योजना को स्वीकृति प्रदान कर दी है।
इस संबंध में मंत्री, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, श्री नीरज कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि नए चापाकल केवल वैकल्पिक जल स्रोत के रूप में लगाए जाएंगे ताकि नियमित जलापूर्ति योजनाओं में किसी तरह की बाधा की स्थिति में भी लोगों को निरंतर स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिलती रहे। साथ ही बताया गया कि विभाग द्वारा उन ग्रामीण क्षेत्रों की पहचान पहले ही कर ली गई है, जहां भू-जल स्तर में आई गिरावट के कारण मौजूदा जलापूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ा है और वैकल्पिक स्रोत की आवश्यकता महसूस की जा रही है। योजना के अंतर्गत चिह्नित टोलों और बसावटों में प्राथमिकता के आधार पर चापाकलों की स्थापना की जाएगी । योजना पर ₹4,98,43,200 (चार करोड़ अठ्ठानवे लाख तैंतालीस हजार दो सौ रुपये मात्र) का व्यय अनुमानित है।
विभागीय मंत्री ने बताया कि कुल 528 चापाकलों में सर्वाधिक 200 चापाकल दरभंगा जिले में स्थापित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त मधुबनी जिले में 180, सीतामढ़ी में 98 और शिवहर जिले में 50 चापाकल लगाए जाएंगे। यह सभी चापाकल उन्नत क्षमता के इंडिया मार्क-I मॉडल के होंगे, जिनकी जल खींचने की क्षमता 30 से 80 फीट तक है। चापाकलों का निर्माण 6.1 मीटर गहराई तक, 125mm x 40mm व्यास वाले नलकूप के रूप में किया जाएगा।प्रत्येक चापाकल के साथ प्लेटफॉर्म, नाली एवं सोख्ता का निर्माण भी किया जाएगा ताकि जलनिकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
जलस्तर में गिरावट से होने वाले सम्भावित जलसंकट को देखते हुए सभी क्षेत्रीय अभियंताओं को अलर्ट रहने एवं नए स्वीकृति चापाकलों का निर्माण मिशन मोड में करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही क्षेत्रीय अभियंताओं को अपने कार्यक्षेत्र में सम्भावित जलसंकट वाले टोलों और बसावटों की पहचान पूर्व से करने को कहा गया है।





























