पटना, 10 नवंबर 2025 (कौशलेन्द्र पाण्डेय)नेता प्रतिपक्ष श्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने रविवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि उन्होंने अब तक 171 जनसभाएं की हैं और बिहार का कोई जिला या प्रखंड ऐसा नहीं जहां वे रैली करने न पहुंचे हों। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता इस बार बदलाव और परिवर्तन के लिए मतदान कर रही है। प्रथम चरण की वोटिंग के बाद भाजपा-जदयू की बेचैनी से यह साफ झलक रहा है कि जनता अब “खटारा और नकारा सरकार” से छुटकारा चाहती है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार के लोग इस बार “नौकरी और कलम वाली सरकार” लाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि 20 साल की डबल इंजन सरकार ने बिहार को विकास के हर पैमाने पर सबसे पीछे धकेल दिया है। न उद्योग हैं, न शिक्षा और न ही स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार हुआ है। बेरोजगारी और पलायन ने आम लोगों का जीवन दूभर कर दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए तेजस्वी ने कहा कि प्रधानमंत्री बिहार के लोगों को अपमानित करने वाली भाषा का प्रयोग करते हैं। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री जी बिहार को ‘कट्टा संस्कृति’ से जोड़ते हैं, पर उन्हें यह नहीं दिखता कि तेजस्वी कलम और रोजगार की बात करते हैं।” तेजस्वी ने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री अपने नेताओं जैसे सम्राट चौधरी, दिलीप जायसवाल, मनोरमा देवी, आनंद मोहन, राजबल्लभ यादव और अन्य उम्मीदवारों पर लगे आरोपों पर मौन क्यों हैं? भाजपा में शामिल होते ही भ्रष्टाचारियों के पाप कैसे धुल जाते हैं?
उन्होंने सृजन घोटाले का जिक्र करते हुए पूछा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री आरोपी विपिन शर्मा से क्यों मिले थे। तेजस्वी ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह का बिहार में डेरा डालना इस बात का संकेत है कि भाजपा अब हार से भयभीत है।
तेजस्वी ने चुनाव आयोग पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण के मतदान के चार दिन बीत जाने के बाद भी आयोग ने पुरुषों और महिलाओं के मतदान प्रतिशत की जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। उन्होंने कहा, “टेक्नोलॉजी के दौर में आंकड़े छिपाए जा रहे हैं। यह लोकतंत्र का मजाक और जनता के विश्वास के साथ खिलवाड़ है।” उन्होंने आरोप लगाया कि कई काउंटिंग सेंटरों पर रात में सीसीटीवी बंद किए जा रहे हैं, जिससे शंका बढ़ रही है।
तेजस्वी ने भाजपा शासित राज्यों से पुलिस बल लाए जाने पर भी सवाल उठाया और कहा कि विपक्ष शासित राज्यों की पुलिस को क्यों नहीं बुलाया गया।
उन्होंने कहा कि राजद की सरकार बनने पर हर घर में नौकरी दी जाएगी, संविदा कर्मियों को नियमित किया जाएगा, जीविका दीदियों को ₹30,000 प्रतिमाह दिया जाएगा, उनके समूह को ₹2,000 मासिक भत्ता और ₹5 लाख तक बीमा की सुविधा मिलेगी। पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाएगी और अभ्यर्थियों से परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा। किसानों को मुफ्त बिजली, धान पर ₹300 और गेहूं पर ₹400 बोनस मिलेगा। पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकार बहाल किए जाएंगे और पैक्स सदस्यों को मानदेय दिया जाएगा।
तेजस्वी ने कहा कि उनकी सरकार “क्राइम, करप्शन और कम्युनलिज्म” पर सख्त कार्रवाई करेगी। महिलाओं के लिए विशेष सुरक्षा और आर्थिक सहायता की योजनाएं चलाई जाएंगी, मकर संक्रांति पर उनके खाते में ₹30,000 एकमुश्त दिए जाएंगे। उन्होंने जनता से अपील की कि दूसरे चरण के मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और बिहार में सकारात्मक राजनीति तथा रोजगार आधारित सरकार के लिए वोट करें।
इस मौके पर राजद के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी, डॉ. मीसा भारती, प्रो. मनोज कुमार झा, आलोक कुमार मेहता, डॉ. सुनील कुमार सिंह, संजय यादव, शक्ति सिंह यादव और एजाज अहमद उपस्थित रहे।

























