पटना, कौशलेंद्र पाराशर : भारत में पहली वार एम्ब्रियो ट्रांसफर इन विट्रो फर्टिलाइजेशन तकनीक से बेगूसराय के जोकिया में पहली बछिया का जन्म हुआ है। यह नस्ल संवर्धन एवं संरक्षण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। स्थानीय सांसद व केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का यह ड्रीम प्रोजेक्ट रहा है। इसके लिए वे लगातार प्रयत्नशील रहे हैं।आने वाले दिनों में यह तकनीक पशुपालकों के लिए वरदान साबित होगा। इसका फायदा यह होगा कि दस से बारह लीटर दूध देने वाली गाय की बछिया जब गाय बनेगी तो वह 25 से 30 लीटर तक दूध देगी। यह नस्ल ब्राजील गिर का है।
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सांसद प्रतिनिधि अमरेंद्र कुमार ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के अथक प्रयास और क्रांतिकारी पहल अब सरजमी पर दिखाई देने लगी है। वर्ष 2020 में 27 सितंबर को मवेशियों के नस्ल सम्बर्धन एवं संरक्षण के लिए एम्ब्रियो ट्रान्सफर इन विट्रो फर्टिलाइजेशन क्रांतिकारी पहल की शुरुआत सर्वप्रथम जोकिया गांव से की गयी थी। इसमें जोकिया समिति के पशुपालक ललित कुमार सिंह के गाय में आईवीएएफ तकनीक एम्ब्रियो ट्रान्सफर किया गया था। इसके तहत गाय ने तीन जुलाई को एक स्वस्थ बछिया को जन्म दिया है।


























