पटना :गरीब बच्चों के माता पिता के सामने आज मन में एक ही सवाल उठ रहा होगा की मै गरीब क्यों हु, मुज्जफरपुर हॉस्पिटल मे आज जो हुआ उसे देखकर लगता है की मानवता मर नहीं गई ये नेताओं का गुलाम बन गया है, देश के बाह्मण कोटे से मंत्री बने स्वास्थ्य मंत्री अश्वनी चौबे जी ने कल जो हॉस्पिटल मे एक माँ पुकार रही थी और मंत्री जी बिना सुने आगे बढ़ते गये ये समाज को बताता है की गरीब होना एक अपराध है ही साथ मे ऐसा बीमारी का होना भगवान का बहुत बड़ा श्राप.
बड़े पत्रकार अजित अंजुम का माइक हटाना और डॉ की मनमानी और उनके राय की भगवान जल्द बारिश करा दे यह दर्शाता है की इंडियन डॉ को भी ज्ञान का अभाव है, इंडियन डॉ अपने को सरकार और जनता से हमेशा ऊपर समझते आया है. मोदीजी आपसे आग्रह है की अपने ऐसे बड़बोले मंत्री को समझाये की अगर तुम सांसद नहीं होते तो भागलपुर मे झुनझुना बजा रहे होते. मानवता का एकदम ज्ञान नहीं है चौबे जी को.
आज भी इंडियन मेडिकल सिस्टम यह पता नहीं कर पाया की ये कौन बुखार है, मेरे पापा भी डॉ है और जब मै उनसे पूछा की चमकी बुखार का नाम आप अपने पढ़ाई के दौरान सुना है तो हसते हुए उन्होंने कहा की यही अपने देश मे कमी है की बिना रिसर्च किये इस को नाम दे दिया गया. इंडियन मेडिकल सिस्टम मे सुधार के साथ मोदीजी ऐसे मंत्री को सरकार से हटाए और जनता को सदेंश दे की मानवता और सम्बेदना भी हो.
कौशलेन्द्र पाराशर
एडिटर.


























