Kaushlendra Pandey *पटना ब्यूरो, 1 अगस्त 2025 —मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है। वर्ष 2005 में सरकार बनने के बाद से अब तक शिक्षा बजट में लगभग 18 गुना वृद्धि करते हुए इसे ₹4,366 करोड़ से बढ़ाकर ₹77,690 करोड़ तक पहुँचा दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर जानकारी दी कि शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत रसोइयों, रात्रि प्रहरियों एवं शारीरिक शिक्षा और स्वास्थ्य अनुदेशकों के मानदेय में दोगुनी वृद्धि की गई है। यह निर्णय न केवल उनके सम्मान को दर्शाता है, बल्कि इससे कार्यरत कर्मियों के मनोबल में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।
नई मानदेय संरचना इस प्रकार है:
मध्याह्न भोजन योजना में कार्यरत रसोइयों का मानदेय ₹1650 से बढ़ाकर ₹3300 किया गया।
माध्यमिक एवं उच्च विद्यालयों में कार्यरत रात्रि प्रहरियों का मानदेय ₹5000 से बढ़ाकर ₹10000 किया गया।
शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशकों का मानदेय ₹8000 से बढ़ाकर ₹16000 कर दिया गया।
साथ ही, इन अनुदेशकों की वार्षिक वेतनवृद्धि ₹200 से बढ़ाकर ₹400 कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इन कर्मियों की भूमिका शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में अत्यंत महत्वपूर्ण रही है, और अब उन्हें उनका उचित मान-सम्मान दिया जाना जरूरी था।
यह कदम बिहार सरकार की शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता और सुधारवादी दृष्टिकोण का प्रमाण है।




























