पटना /महाकवि थे पं रामदयाल पाण्डेय जयंती पर साहित्य सम्मेलन में डॉ. अनिल सुलभ के नेतृत्व में दी गई पुष्पांजलि, बाबू गंगा शरण सिंह को भी किया गया स्मरण
पटना, ६ अगस्त। महाकवि रामदयाल पाण्डेय न केवल एक महान स्वतंत्रता-सेनानी, ओज और राष्ट्रीय भाव के महाकवि, तेजस्वी पत्रकार और हिंदी के महान उन्नायकों में से एक थे, बल्कि सिद्धांत और आदर्शों से कभी न डिगने वाले एक स्वाभिमानी साधु-पुरुष थे। उन्होंने हिंदी और…
पटना /जयंती (६ अगस्त ) पर विशेष महान स्वतंत्रता सेनानी, पत्रकार और महाकवि थे पं राम दयाल पाण्डेय- डा अनिल सुलभ
जयंती (६ अगस्त ) पर विशेष महान स्वतंत्रता सेनानी, पत्रकार और महाकवि थे पं राम दयाल पाण्डेय.मात्र १५ वर्ष की आयु से स्वतंत्रता-संग्राम में कूद पड़े, महान स्वतंत्रता-सेनानी पं रामदयाल पाण्डेय, सिद्धांत के पक्के एक ऐसे दधीचि-तुल्य पत्रकार और कवि थे, जिनकी…
पटना /संस्कृत के लिए जीवन अर्पित करने वाले महान आचार्य थे पं आद्याचरण झा जयंती पर डॉ. अनिल सुलभ के नेतृत्व में साहित्य-सम्मेलन ने दी पुष्पांजलि
पटना, ३ जुलाई। राष्ट्रपति सम्मान से विभूषित संस्कृत के महान आचार्य और दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति आचार्य आद्याचरण झा, संस्कृत को लोप-गह्वर से निकालने के लिए, जीवन भर संघर्ष करते रहे। अपने सामर्थ्य भर उन्होंने कोई यत्न नही छोड़ा।…
पटना /डा सुरेंद्र प्रसाद जमुआर और डा जितेंद्र सहाय जयंती पर साहित्य सम्मेलन ने श्रद्धापूर्वक स्मरण किया, डॉ. अनिल सुलभ के नेतृत्व में दी गई पुष्पांजलि
भावितात्मा साहित्यकार थे डा सुरेंद्र प्रसाद जमुआर और डा जितेंद्र सहाय, जयंती पर साहित्य सम्मेलन ने श्रद्धापूर्वक स्मरण किया, दी गई पुष्पांजलिपटना। अनेक अलक्षित साहित्यकारों को प्रकाश में लाने वाले स्तुत्य लेखक डा सुरेंद्र प्रसाद जमुआर तथा सुख्यात…
पटना /जयंती ( १ जुलाई) पर विशेष अन्वेषण-धर्मी एकांतिक साधक थे डा सुरेंद्र प्रसाद जमुआर – डा अनिल सुलभ
वर्ष का स्मरण नही है। संभवतः २००८ की सर्दियों के दिन थे। मेरे फ़ोन की घंटियाँ बजी! उधर से आवाज़ आई- “ मैं जमुआर बोल रहा हूँ— सुरेंद्र प्रसाद जमुआर ! आप क्या सुलभ जी बोल रहे हैं?” मैंने उत्तर दिया- ‘जी हाँ ! बोल रहा हूँ।’ “ आपसे मिलना…
पटना / सुधीजनों के परामर्श पर बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन भी अब अपने फेसबुक प्लेटफार्म पर – कृपया संध्या ६ बजे निम्नलिखित लिंक के साथ मुझसे जुड़ने की कृपा करें : डा अनिल सुलभ
विदुषी देवियों व विद्वान सज्जनों ! ‘कोरोना’ के कारण उत्पन्न हुई समस्याओं ने एक ओर जहाँ हमारी गतिविधियों को प्रभावित किया है, वहीं सम्प्रेषण के नवीन मार्गों को भी प्रशस्त किया है! हमें घरों में बिठा कर रखा है तो ‘फ़ेसबुक लाइव’ जैसे संचार के मार्ग भी…
पटना /साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुआ सम्मान समारोह, डॉ. अनिल सुलभ के द्वारा प्रभात कुमार धवन तथा डा शालिनी पाण्डेय को दिया गया स्मृति-सम्मान
पटना, २६ जून । डा दीनानाथ शरण हिन्दी के कुछ उन थोड़े से मनीषी साहित्यकारों में थे, जो यश की कामना से दूर, जीवन पर्यन्त साहित्य और पत्रकारिता की एकांतिक सेवा करते रहे। वे मनुष्यता और जीवन-मूल्यों के कवि और विद्वान समालोचक थे। एक सजग कवि के रूप में…
डॉ अनिल सुलभ का समस्त संसार से आग्रह =अगले एक हफ़्ते तक, जबतक अनिवार्य न हो जाए, संसार में कोई भी अपने घर से न निकले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेशों मे फसे भारतीयों की मदद की, इसके लिये बधाई के पात्र
कौशलेन्द्र पाण्डेय, संपादक. पटना. आज भर के लिए ही नही, अगले एक हफ़्ते तक, जबतक अनिवार्य न हो जाए, संसार में कोई भी अपने घर से न निकले! ‘कोरोना’ पर हम इसी अनुशासन से विजयी हो सकते हैं! कृपया इसे हर एक व्यक्ति सुनिश्चित करें: डा अनिल सुलभ ने कंट्री इनसाइड…
प्रबुद्ध काव्य-प्रेमियों और गणमान्य अतिथियों की होगी उपस्थिति -डॉ अनिल सुलभ
साहित्य सम्मेलन में २३ मार्च को आयोजित होगा ‘एक संध्या पं बुद्धिनाथ मिश्र के गीतों के संग‘ प्रबुद्ध काव्य–प्रेमियों और गणमान्य अतिथियों की होगी उपस्थिति पटना, १५ मार्च। बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में, आगामी २३ मार्च को, अनेक प्रबुद्ध…