सौरभ निगम/लखनऊ, 23 अप्रैल 2025 – भारत और अमेरिका के संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से अमेरिका के माननीय उपराष्ट्रपति जे.डी. वांस अपने परिवार के साथ आज उत्तर प्रदेश की धरती पर पहुँचे। लखनऊ एयरपोर्ट पर उनका स्वागत प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पारंपरिक अंदाज़ में किया। यह दौरा न केवल कूटनीतिक महत्व रखता है बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रिश्तों को भी मजबूती देने वाला माना जा रहा है।
संस्कृति और आध्यात्मिकता का स्वागत
उत्तर प्रदेश, जिसे भारत का “पावन हृदयस्थल” कहा जाता है, अपनी सनातन परंपरा, जीवंत संस्कृति, और आध्यात्मिक विरासत के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। ऐसे में जे.डी. वांस और उनके परिवार का यहाँ आना भारत-अमेरिका के रिश्तों में सांस्कृतिक सामंजस्य का एक नया अध्याय जोड़ता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुष्पगुच्छ और पारंपरिक अंगवस्त्र भेंट कर उपराष्ट्रपति और उनके परिवार का स्वागत किया। इसके बाद स्थानीय कलाकारों ने लोकनृत्य और संगीत के माध्यम से उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक छटा प्रस्तुत की।
क्या है दौरे का उद्देश्य?
सूत्रों के मुताबिक, उपराष्ट्रपति वांस के इस दौरे का उद्देश्य भारत-अमेरिका के बीच रणनीतिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक साझेदारी को और अधिक प्रगाढ़ करना है। वाराणसी और अयोध्या जैसी धार्मिक नगरी का भी दौरा उनके कार्यक्रम में शामिल है, जहाँ वे भारत की आध्यात्मिक परंपराओं को निकट से जानेंगे।
योगी-वांस संवाद की संभावना
यह भी उम्मीद की जा रही है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपराष्ट्रपति वांस के बीच एक उच्चस्तरीय बैठक होगी, जिसमें व्यापार, तकनीक, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।
जनता में उत्साह का माहौल
लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में इस ऐतिहासिक आगमन को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। सड़कें सजाई गईं, जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए, और सोशल मीडिया पर भी #JDVanceInUP ट्रेंड कर रहा है।
निजी यात्रा में भी आध्यात्मिक जुड़ाव
जे.डी. वांस ने अपने पहले वक्तव्य में उत्तर प्रदेश को भारत की आत्मा बताया और कहा कि वे यहाँ की संस्कृति और आध्यात्मिकता से गहराई से जुड़ना चाहते हैं।





























