कंट्री इनसाइड न्यूज एजेंसी, इंदौर।प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत मछली उत्पादन और उत्पादकता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ने इंदौर में आयोजित इनलैंड फिशरीज एंड एक्वाकल्चर मीट 2025 को संबोधित करते हुए सभी हितधारकों से सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।
राजीव रंजन सिंह ने कहा कि प्रौद्योगिकी और नवाचार के माध्यम से मत्स्य क्षेत्र को उन्नत करना समय की मांग है। उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि भारत में मत्स्य क्षेत्र की असीम संभावनाएं हैं और इनका उपयोग ग्रामीण आजीविका, पोषण सुरक्षा और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए किया जा सकता है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से देश में मछली पालन को संगठित, टिकाऊ और लाभकारी व्यवसाय बनाने की दिशा में कई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। योजना का उद्देश्य न केवल उत्पादन बढ़ाना है, बल्कि आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से मत्स्य किसानों की आय को दोगुना करना भी है।
कार्यक्रम में देशभर से मत्स्य विशेषज्ञ, नीति निर्माता, किसान प्रतिनिधि और उद्यमी शामिल हुए और इस क्षेत्र में नवाचार, डिजिटल समाधान, जलवायु अनुकूल रणनीतियों और सतत विकास जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
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