स्नेहा सिंह /कोलकाता, 21 जुलाई —एक नई सुबह, एक नया सपना और एक अदम्य संघर्ष को समर्पित ऐतिहासिक ‘एकুশे जुलाई’ की पूर्व संध्या पर आज पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने धर्मतला पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। इस अवसर पर उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के समर्पित कार्यकर्ताओं के साथ विशेष समय बिताया और उन्हें कल के ऐतिहासिक दिन के लिए शुभकामनाएं दीं।
ममता बनर्जी ने कहा,
“एकুশे जुलाई तृणमूल कांग्रेस के लिए सिर्फ एक दिन नहीं, बल्कि हमारी लड़ाई, बलिदान और संकल्प का प्रतीक है। यह दिन मां, माटी और मानुष के सपनों और संघर्षों को साकार करने का संकल्प है।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि कल पूरे राज्य से हजारों कार्यकर्ता और समर्थक कोलकाता पहुंच रहे हैं ताकि वे शहीद दिवस पर अपने नायक और बलिदानियों को श्रद्धांजलि दे सकें। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि जो लोग कल आने वाले हैं वे सावधानी से आएं और शांति बनाए रखें।
ध्यान देने योग्य है कि यह दिन 1993 में तृणमूल कांग्रेस के 13 कार्यकर्ताओं की शहादत को समर्पित है, जब पुलिस फायरिंग में वे शहीद हो गए थे। ममता बनर्जी हर वर्ष धर्मतला में उसी स्थान पर शहीदों को श्रद्धांजलि देती हैं जहां उनका खून गिरा था।
मुख्यमंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में यह भी कहा कि
“जो लोग उस रँगीन इतिहास को मिटाने की साजिश कर रहे हैं, उन्हें बंगाल की जनता माफ नहीं करेगी।”
कल के कार्यक्रम में आम जनता के साथ-साथ बुद्धिजीवी, कलाकार और तृणमूल कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे। मंच पूरी तरह तैयार है और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है।
आज की कुछ खास झलकियां:
ममता बनर्जी ने मंच निर्माण कार्य का निरीक्षण किया
कार्यकर्ताओं से व्यक्तिगत संवाद कर हौसला बढ़ाया
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई
धर्मतला क्षेत्र में जोश और उत्साह का माहौल रहा
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