Kaushlendra Pandey/पटना ब्यूरो/आज अनुग्रह नारायण समाज अध्ययन संस्थान, पटना में ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन (AISHE) के सर्वे वर्ष 2024-25 से संबंधित एक राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन शिक्षा विभाग, बिहार सरकार द्वारा किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य राज्य के विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों एवं स्टैंड-अलोन संस्थानों से जुड़े प्रतिनिधियों को AISHE पोर्टल पर डेटा अपलोडिंग की प्रक्रिया, शुद्धिकरण तथा तकनीकी सहायता प्रदान करना था।
इस अवसर पर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ, सचिव श्री अजय यादव, निदेशक उच्च शिक्षा प्रोफेसर एन. के. अग्रवाल, परामर्शी श्री बैद्यनाथ यादव, राज्य नोडल पदाधिकारी श्री देवेश चौधरी, शिक्षा मंत्रालय के तकनीकी प्रतिनिधि एवं राज्य भर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के नोडल पदाधिकारी उपस्थित थे ।
कार्यक्रम की शुरुआत में निदेशक, उच्च शिक्षा द्वारा स्वागत भाषण दिया गया। इसके उपरांत सचिव एवं अपर मुख्य सचिव द्वारा AISHE के महत्व और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला गया। तकनीकी सत्र में AISHE पोर्टल पर डेटा अद्यतन करने की प्रक्रिया, त्रुटियों के सुधार, और रिपोर्टिंग प्रणाली पर विस्तृत चर्चा की गई।
AISHE 2021-22 के अनुसार बिहार की उच्च शिक्षा की स्थिति:
• राज्य में कुल नामांकन वर्ष 2021-22 में 26.22 लाख रहा, जो वर्ष 2014-15 में 15.29 लाख था।
• महिलाओं का नामांकन 2021-22 में 11.75 लाख रहा, जो 2014-15 में 6.47 लाख था — अर्थात् 97% की वृद्धि।
• उच्च शिक्षा में बिहार का ग्रॉस एनरोलमेंट रेश्यो (GER) 17.1% है, वहीं महिलाओं का GER 16.3% है।
इन आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि बिहार में उच्च शिक्षा की पहुंच में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, किंतु राष्ट्रीय औसत तक पहुंचने हेतु सतत प्रयास आवश्यक है।
राज्य सरकार द्वारा उच्च शिक्षा को सशक्त करने की दिशा में किए जा रहे प्रयास:
• राज्य के ग्रामीण एवं सुदूरवर्ती प्रखंडों में 360 डिग्री कॉलेजों की स्थापना की जा रही है।
• NAAC State Committee का गठन कर संस्थानों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा रही है।
• AEDP (Apprenticeship Embedded Degree Programme) शुरू किया जा रहा है, जिससे तकनीकी एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रम स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकें।
• इंटरमीडिएट एवं स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं को छात्रवृत्ति और Student Credit Card Scheme के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को उच्च शिक्षा हेतु सहायता प्रदान की जा रही है।
AISHE सर्वेक्षण राज्य सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण नीति उपकरण है, जिससे न केवल राज्य की शिक्षा नीतियाँ वैज्ञानिक रूप से तैयार होती हैं, बल्कि केंद्र सरकार के सहयोग से शैक्षणिक संसाधनों का बेहतर आवंटन संभव हो पाता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए और राज्य नोडल पदाधिकारी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। शिक्षा विभाग, बिहार सरकार इस दिशा में सभी शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सुधार हेतु प्रतिबद्ध है।

























