Kaushlendra Pandey /पटना। जीवनपर्यंत शोषितों, वंचितों एवं गरीबों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले अमर शहीद बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा जी की जयंती के अवसर पर राजधानी पटना में उनकी आदमकद प्रतिमा पर पुष्पार्चन कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी, युवा एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने बाबू जगदेव प्रसाद जी के विचारों और संघर्ष को याद करते हुए कहा कि उन्होंने सामाजिक अन्याय, जातीय भेदभाव और शोषण के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया। वे सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि सामाजिक क्रांति के प्रतीक थे, जिन्होंने वंचित तबकों को सम्मानजनक जीवन का सपना दिखाया और उसके लिए सड़क से सदन तक आवाज बुलंद की।
वक्ताओं ने कहा कि बाबू जगदेव जी का नारा “सौ में नब्बे शोषित हैं, नब्बे भाग हमारा है” आज भी सामाजिक न्याय की लड़ाई में मार्गदर्शक सिद्धांत बना हुआ है। उन्होंने पिछड़े, अति पिछड़े, दलित और गरीब वर्गों को राजनीतिक चेतना से जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य किया।
श्रद्धांजलि सभा में यह भी कहा गया कि आज के दौर में बाबू जगदेव प्रसाद जी के विचारों को आत्मसात करना और सामाजिक समता, समान अवसर तथा सम्मानजनक जीवन के लिए संघर्ष को आगे बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है। उनके बताए मार्ग पर चलकर ही एक न्यायपूर्ण और समतामूलक समाज की स्थापना संभव है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा जी के सपनों को साकार करने के लिए सामाजिक न्याय और अधिकारों की लड़ाई को और मजबूती से आगे बढ़ाया जाएगा।
रिपोर्ट: कंट्री इनसाइड न्यूज एजेंसी





























