Kaushlendra Pandey | नई दिल्ली /माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में आज केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी ने संसद में एक ऐसा जन-कल्याणकारी और दूरदर्शी केंद्रीय बजट प्रस्तुत किया, जो भारत को आत्मनिर्भर, रोजगारोन्मुख, समावेशी विकास की राह पर तेज़ी से आगे ले जाने वाला साबित होगा। यह बजट केवल आर्थिक दस्तावेज़ नहीं, बल्कि 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने का ठोस रोडमैप है।
इस बजट में आर्थिक विकास, उत्पादन में वृद्धि, रक्षा क्षेत्र की मजबूती, कृषि उत्पादकता, युवाओं के लिए रोजगार, महिलाओं का सशक्तिकरण, किसानों की आय में वृद्धि और गरीबों के जीवन स्तर में सुधार को केंद्र में रखा गया है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी को नई गति
बजट में 7 नए रेल कॉरिडोर, 20 नए जलमार्ग, कोस्टल कार्गो के विकास, नई सड़कों और पुलों के निर्माण की घोषणाएं की गई हैं। इससे लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी, व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और छोटे शहरों तथा ग्रामीण क्षेत्रों तक विकास पहुंचेगा।
उद्योग, MSME और रोजगार सृजन
छोटे और पुराने उद्योगों को संजीवनी देते हुए MSME सेक्टर के लिए विशेष प्रोत्साहन दिए गए हैं। उत्पादन से जुड़ी योजनाओं (PLI) को विस्तार, खादी और हथकरघा को बढ़ावा तथा चमड़ा, कपड़ा और इलेक्ट्रॉनिक सामान सस्ते करने के निर्णय से घरेलू उद्योगों को बल मिलेगा और लाखों नए रोजगार सृजित होंगे।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर विशेष फोकस
किसानों के लिए कृषि उत्पादकता बढ़ाने, आधुनिक तकनीक, भंडारण और विपणन सुविधाओं पर ज़ोर दिया गया है। पशुपालन और पशुचिकित्सा क्षेत्र में व्यापक सुधार से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सशक्तिकरण
बजट में शिक्षा से रोजगार और व्यापार सृजन की स्पष्ट दिशा दिखाई देती है। देश को मेडिकल हब बनाने की योजना, कैंसर व गंभीर बीमारियों की दवाइयों को सस्ता करना, हर जिले में महिला छात्रावास की व्यवस्था—ये सभी कदम सामाजिक न्याय और स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करेंगे।
पर्यटन, खेल और युवा शक्ति
पर्यटन को बढ़ावा देने से स्थानीय रोजगार बढ़ेगा। खेलो इंडिया मिशन को तेज़ गति देने से युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही विदेश यात्राओं को सस्ता करने के फैसले से वैश्विक संपर्क और व्यापारिक संभावनाएं बढ़ेंगी।
महिला, युवा, गरीब और छोटे शहरों का समग्र विकास
इस बजट में महिला सशक्तिकरण, युवा अवसर, गरीबों की क्रय शक्ति में वृद्धि और छोटे शहरों के विकास को प्राथमिकता दी गई है। यह समावेशी दृष्टिकोण ही ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना को साकार करता है।
2047 का विज़न: विश्वगुरु भारत
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के संकल्प और नीतिगत निरंतरता के परिणामस्वरूप भारत तेज़ी से विकसित देशों की श्रेणी में शामिल होने की दिशा में अग्रसर है। यह बजट उसी यात्रा का सशक्त पड़ाव है, जो 2047 में भारत को विश्वगुरु बनाने के लक्ष्य को और मजबूत करता है।





























