सौरभ निगम /फरीदाबाद। Department of Science and Technology के अंतर्गत ब्रिक-अनुसंधान सलाहकार बोर्ड (BRIC-RAB) की पहली ऐतिहासिक बैठक 27 और 28 मार्च 2026 को Regional Centre for Biotechnology में आयोजित की गई। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में देशभर के वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने भाग लेते हुए बायोटेक्नोलॉजी के भविष्य को लेकर व्यापक मंथन किया।
बैठक में एक मजबूत और विकेन्द्रीकृत राष्ट्रीय जैव प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला नेटवर्क विकसित करने की दिशा में बड़े सुधारों पर विचार किया गया। खास तौर पर साझा बुनियादी ढांचे (shared infrastructure) को प्राथमिकता देने पर सहमति बनी, जिससे अनुसंधान को गति मिले और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके।
विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि BRIC को वैश्विक स्तर पर एक अग्रणी बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च हब के रूप में स्थापित किया जाए। इसके लिए नवाचार, सहयोग और आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने की रणनीति तैयार की गई।
इस बैठक को भारत के विज्ञान और अनुसंधान क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है, जो आने वाले समय में देश को बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त करेगा। यह पहल दर्शाती है कि भारत अब सिर्फ अनुसंधान में भागीदारी नहीं, बल्कि नेतृत्व की भूमिका निभाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।





























