Kaushlendra Pandey /नई दिल्ली। Rajnath Singh की अध्यक्षता में पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और उसके भारत पर संभावित प्रभावों की समीक्षा के लिए इंटर-मिनिस्ट्रियल ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (आईजीओएम) की पहली अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और नागरिक हितों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
रक्षा मंत्री ने स्पष्ट कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए मध्यम से लंबी अवधि की रणनीतिक तैयारी अपनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि तेजी से निर्णय लेने की क्षमता ही देश को संभावित चुनौतियों से सुरक्षित रखेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि Narendra Modi के नेतृत्व वाली सरकार भारतीय नागरिकों और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
साथ ही, सभी मंत्रालयों और विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे अफवाहों, गलत सूचनाओं और फेक न्यूज पर सख्ती से नजर रखें और सही जानकारी समय पर साझा करें, ताकि आम जनता में भ्रम की स्थिति पैदा न हो।
कंट्री इनसाइड न्यूज एजेंसी के लिए यह बैठक संकेत देती है कि केंद्र सरकार पश्चिम एशिया में बदलते हालात को लेकर पूरी तरह सतर्क है और हर संभावित चुनौती से निपटने के लिए रणनीतिक स्तर पर तैयारी तेज कर दी गई है।

























