कौशलेन्द्र पराशर की रिपोर्ट पटना से / इस चिट्ठी की जरा गौर से देखिए और समझिये हालात …. नालंदा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल अधीक्षक ने स्वास्थ्य विभाग को चिट्ठी लिखकर खुद को नालंदा मेडिकल कॉलेज के प्रभार से हटाने की गुहार लगाई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी स्वास्थ मंत्री मंगल पांडे का स्वास्थ मंत्री के पद से तत्काल प्रभाव से हटाइए. जब 1 साल पहले कोरोनावायरस था और दूसरा लहराने की संभावना थी तो स्वास्थ विभाग ने क्या तैयारी 1 साल में किया इससे साफ जाहिर होता है. स्वास्थ्य विभाग ने किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की. ए कंपलीट स्वास्थ्य विभाग की विफलता है. मुख्यमंत्री जी अगर आप के रहते बिहार का स्वास्थ्य ठीक नहीं हो सकता है. तो बिहार का मालिक भगवान हैं. मुख्यमंत्री जी स्वास्थ्य विभाग को तत्काल अपने हाथ में लेकर इसको ठीक करने की व्यवस्था करें जिससे बिहार की जनता का जान बच सके. पीएमसीएच का वही हाल है एनएमसीएच का वही हाल है, आईजीएमएस का वही हाल है आखिर जनता जाए तो जाए कहां जाए. बिहार की जनता पर बहुत भरोसा करती है मुख्यमंत्री जी. इसको 24 घंटे में मिशन मोड में ठीक करने की जरूरत है. नालंदा मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक ने तो हिम्मत जुटा करे चिट्ठी लिखने की हिम्मत कर पाए. बहुत कॉलेज के डॉक्टर और अधीक्षक तो हिम्मत भी नहीं जुटा पा रहे लिखने के लिए.जनता मर रही है लेकिन इसकी जानकारी सरकार तक को नहीं दे रहे हैं.
























