सौरभ निगम / मुंबई: National Commission for Minorities द्वारा मुंबई में “Parsis in Modern India: Navigating Cultural and Socio-Economic Pathways” विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पारसी समुदाय की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक-आर्थिक स्थिति और घटती जनसंख्या जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
कार्यक्रम में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने कहा कि केंद्र सरकार पारसी समुदाय की विरासत को संरक्षित करने और उनकी जनसंख्या संबंधी चिंताओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पारसी समुदाय ने भारत के औद्योगिक, आर्थिक और सामाजिक विकास में ऐतिहासिक योगदान दिया है।
किरण रिजिजू ने “जियो पारसी” योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार पारसी समुदाय की घटती आबादी की चुनौती से निपटने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने अवेस्तन भाषा और पारसी सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री George Kurian ने कहा कि पारसी समुदाय वर्तमान समय में जनसंख्या और सामाजिक बदलाव जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है, जिसके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
संगोष्ठी के दौरान पारसी समुदाय की विरासत और उपलब्धियों पर आधारित एक विशेष कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया गया।
रिपोर्ट : कंट्री इनसाइड न्यूज एजेंसी


























