स्नेहा सिंह:कोलकाता। “बंगला भाषा का अपमान, बंगाल का अपमान है” – इसी नारे के साथ आज तृणमूल कांग्रेस की ओर से कॉलेज स्क्वायर से डोरिना क्रॉसिंग तक एक विशाल महा रैली और प्रदर्शन सभा का आयोजन किया गया। यह प्रदर्शन भाजपा शासित राज्यों में बंगाली भाषी श्रमिकों पर हो रहे कथित अत्याचार, उत्पीड़न और उन्हें ‘बांग्लादेशी’ कहकर हिरासत में लेने के खिलाफ था।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वैध दस्तावेज होने के बावजूद बंगाल से बाहर काम करने वाले श्रमिकों को हिरासत में लिया जा रहा है और उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। यह भाजपा की “भाषा-विरोधी और बंगाल-विरोधी मानसिकता” का परिचायक है।
तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने सभा में स्पष्ट रूप से कहा कि “जब तक भाजपा अपनी विभाजनकारी राजनीति बंद नहीं करती, तब तक हम चुप नहीं बैठेंगे।” उन्होंने यह भी याद दिलाया कि बंगाल की धरती ने स्वतंत्रता संग्राम में हजारों क्रांतिकारियों और शहीदों को जन्म दिया है, और उन्हीं की विरासत को अपमानित करने की कोशिश की जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान एकুশे जुलाई (21 जुलाई) की शहीद स्मरण सभा के लिए राज्य की जनता को आमंत्रित भी किया गया।
नेताओं ने कहा कि किसान विरोधी, दलित विरोधी, महिला विरोधी और भाषा विरोधी ताकतों को बंगाल ने पहले भी हराया है और आगामी 2026 के चुनाव में भी बंगाल की जनता उन्हीं ताकतों को करारा जवाब देगी।
(रिपोर्ट: कंट्री इनसाइड न्यूज एजेंसी)





























