रिपोर्टः सौरभ निगम/नई दिल्ली।देश में अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग को आधुनिक और उद्योगोन्मुख बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, केंद्र सरकार ने अप्रेंटिस एक्ट, 1961 के तहत प्रशिक्षुओं को मिलने वाले स्टाइपेंड में 36 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय केंद्रीय अप्रेंटिसशिप परिषद (CAC) की 38वीं बैठक में 26 मई 2025 को लिया गया।
इस बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि भविष्य में स्टाइपेंड की राशि को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) से जोड़ दिया जाएगा, जिससे महंगाई के अनुसार इसका स्वतः संशोधन हो सकेगा।
सरकार ने इस सिफारिश को मानते हुए Apprenticeship Rules, 1992 में संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसे जल्द ही राजपत्र में अधिसूचित किया जाएगा। संशोधित स्टाइपेंड संरचना सूचना प्रौद्योगिकी, टेलीकम्युनिकेशन, बायोटेक्नोलॉजी और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे उभरते क्षेत्रों सहित सभी अप्रेंटिस पर लागू होगी।
यह निर्णय देश में कौशल विकास को बढ़ावा देने और युवाओं को उद्योग आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।





























