Kaushlendra Pandey /अंतरराष्ट्रीय यूनानी फोरम (IUF) द्वारा आयोजित CME कार्यक्रम में डॉ एमडी तनवीर आलम का सत्र सबसे आकर्षक और ज्ञानवर्धक रहा
उन्होंने Use of AI in Unani Medicine – Need & Challenges विषय पर विस्तृत प्रस्तुति देते हुए बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब चिकित्सा जगत को बदलने वाली सबसे क्रांतिकारी तकनीक बन चुकी है
डॉ आलम ने कहा कि AI अब केवल भविष्य की अवधारणा नहीं बल्कि वर्तमान स्वास्थ्य सेवाओं का अभिन्न हिस्सा है
यह यूनानी चिकित्सा में निदान को अधिक सटीक बना रहा है, उपचार को व्यक्ति-विशेष की जरूरतों के अनुसार ढाल रहा है और बड़े डेटा सेट्स को प्रबंधित करने में अभूतपूर्व सहायता दे रहा है
डॉ तनवीर आलम द्वारा बताए गए प्रमुख बिंदु
🔹 Precision
AI आधारित मॉडल अब रोगियों की स्थिति, इतिहास और शरीर की प्रतिक्रियाओं के आधार पर व्यक्तिगत उपचार तय करने में मदद कर रहे हैं
यूनानी चिकित्सा में पर्सनलाइज्ड मेडिसिन की संभावनाएं तेजी से बढ़ी हैं
🔹 Efficiency
रूटीन कार्यों के स्वचालन से चिकित्सकों को जटिल मामलों पर अधिक ध्यान देने का अवसर मिल रहा है
इससे चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार हुआ है
🔹 Ethics
उन्होंने AI के उपयोग में डेटा सुरक्षा, गोपनीयता और मजबूत नियमात्मक ढांचे को आवश्यक बताया
उनका कहना था कि तकनीक तभी उपयोगी है जब वह मानव संवेदनाओं और मेडिकल एथिक्स के साथ संतुलन बनाए
AI की उभरती भूमिका पर जोर
डॉ आलम ने बताया कि AI रेडियोलॉजी स्कैन में सूक्ष्म पैटर्न को भी पहचानने में सक्षम है
अस्पताल प्रबंधन, मरीजों के जोखिम का पूर्वानुमान, क्लिनिकल निर्णय समर्थन प्रणाली और बड़े डेटा विश्लेषण में AI की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है
उन्होंने इसे Collaborative Intelligence बताते हुए कहा कि AI चिकित्सक का स्थान नहीं लेता, बल्कि उसकी क्षमता को बढ़ाता है
आयोजकों को धन्यवाद
उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए मोबस्सिर खान, अहमद अयाज़, खुर्शीद रैनी, अरिज़ क़ादरी, मोहम्मद शाहिद, सलमान खालिद, मोहम्मद खालिद, मिस्बाह अज़हर, नुज़हत अख्तर और अन्वर सईद सहित सभी आयोजकों का आभार व्यक्त किया
उन्होंने कहा कि ऐसे CME कार्यक्रम यूनानी चिकित्सा को वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं
AYUSH – UNANI व IUF की पहल की सराहना
डॉ आलम ने कहा कि यूनानी चिकित्सा को डिजिटल स्वास्थ्य नवाचारों से जोड़ने की यह पहल आने वाले समय में यूनानी सिस्टम को और मजबूत आधार प्रदान करेगी.




























