स्नेहा सिंह/बहारामपुर, मुर्शिदाबाद ब्यूरो — पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज बहारामपुर की जनसभा में सांप्रदायिक सद्भाव और एकता की अपील करते हुए कहा कि “हम हिंदू-मुस्लिम एक वृंत के दो फूल हैं।”
उन्होंने कहा कि बंगाल सदैव सर्वधर्म समन्वय की भूमि रही है और संविधान ने हमें जो भाईचारे का पाठ पढ़ाया है, सरकार उसे पूरी गरिमा से निभा रही है।
सभा में ममता बनर्जी ने भाजपा पर विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि “हम साम्प्रदायिकता के खिलाफ हैं, और सभी धर्म, सभी भाषाओं का सम्मान करते हैं।”
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य में लगभग 95 विकास योजनाओं से हर परिवार लाभान्वित हुआ है।
उन्होंने बताया कि सागरदिघी सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्रोजेक्ट तैयार हो चुका है।
660 मेगावॉट क्षमता वाला यह यूनिट पूर्वोत्तर का पहला और पश्चिम बंगाल में सबसे बड़ा है।
परियोजना लगभग 16.70 लाख परिवारों को बिजली उपलब्ध कराएगी और लगभग 26,000 रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।
ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा की वजह से राज्य को 100-दिवसीय कार्य योजना और आवास योजना की राशि नहीं मिल पाई।
उन्होंने कहा — “फिर भी बंगाल विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।”
सीएम ने केंद्र और भाजपा पर बंगाल की छवि धूमिल करने का आरोप लगाया।
एनआरसी व SIR के नाम पर भय फैलाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा — “बंगाल में NRC नहीं होने देंगे, यह मेरा वचन है।”
उन्होंने बताया कि भय के कारण आत्महत्या करने वाले परिवारों को 2 लाख और अस्पताल में भर्ती लोगों को 1 लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल को कोई साम्प्रदायिक शक्ति नहीं तोड़ सकती।
भाषण का समापन उन्होंने नारे के साथ किया — “जय बंगला!





























