नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने कल भारत 6जी मिशन के तहत शीर्ष परिषद (एपेक्स काउंसिल) की बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में 6जी तकनीक को तेज़ी से आगे बढ़ाने और 2030 तक भारत को 6जी में वैश्विक नेतृत्व दिलाने पर चर्चा हुई।
मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि भारत को केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि 6जी तकनीक का निर्माता और मानक तय करने वाला देश बनना होगा।
बैठक में शोध, नवाचार, पेटेंट और 6जी नेटवर्क विकास को गति देने के लिए केंद्रित रोडमैप बनाने पर जोर दिया गया।
6जी मिशन के अंतर्गत कार्य-समूहों की प्रगति की समीक्षा की गई और लक्ष्य तय किये गए।
सरकार का उद्देश्य है कि भविष्य की संचार तकनीक में भारत अग्रणी भूमिका निभाए।
6जी के जरिए तेज़ इंटरनेट, स्मार्ट कनेक्टिविटी और उन्नत डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।
बैठक में उद्योग, तकनीकी विशेषज्ञ और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
मंत्री ने कहा कि 6जी मिशन राष्ट्रीय विकास और डिजिटल इंडिया के लिए एक बड़ा अवसर है।
सरकार चाहती है कि आने वाले वर्षों में भारत 6जी तकनीक निर्यातक के रूप में उभर कर सामने आए।

























