सौरभ निगम/प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में किए गए सुधारों ने स्वामी विवेकानंद के सशक्त और आत्मनिर्भर युवा भारत के सपने को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह बात केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय युवा सम्मेलन (National Youth Conclave) में कही।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत आज दुनिया के शीर्ष तीन स्टार्टअप देशों में शामिल है, जहां बड़ी संख्या में महिला-नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स उभर रहे हैं। यह परिवर्तन युवा-केंद्रित सुधारों का प्रत्यक्ष परिणाम है, जिसने देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है।
उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की सराहना करते हुए कहा कि इस नीति ने छात्रों को कठोर शैक्षणिक ढांचे से मुक्ति दिलाई है और शिक्षा में विकल्पों व लचीलापन बढ़ाया है। अब छात्र अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार विषयों का चयन कर सकते हैं, जिससे नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा मिल रहा है।
डॉ. सिंह ने कहा कि विज्ञान, तकनीक और शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की नीतियां युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बना रही हैं। यह स्वामी विवेकानंद के उस विचार के अनुरूप है, जिसमें उन्होंने युवाओं को राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति बताया था।



























