Kaushlendra Pandey/नई दिल्ली।भारत के उपराष्ट्रपति ने पराक्रम दिवस के अवसर पर महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस को उनकी जयंती पर श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि नेताजी का निडर नेतृत्व, अदम्य साहस और भारत की स्वतंत्रता के प्रति अटूट प्रतिबद्धता पराक्रम की सच्ची भावना को दर्शाती है।
उपराष्ट्रपति ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया संदेश में कहा—
“मैं नेताजी सुभाष चंद्र बोस को उनकी जयंती, जिसे पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाता है, पर श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं। नेताजी का निडर नेतृत्व, अदम्य आत्मबल और भारत की स्वतंत्रता के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता पराक्रम की वास्तविक भावना को अभिव्यक्त करती है और आने वाली पीढ़ियों को साहस, त्याग और राष्ट्रीय एकता के आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा देती रहेगी।”
उपराष्ट्रपति ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने आज़ादी की लड़ाई को नई दिशा दी और देशवासियों में आत्मसम्मान एवं राष्ट्रप्रेम की भावना को प्रबल किया। आज़ाद हिंद फौज के गठन और उनके ओजस्वी विचारों ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम को वैश्विक पहचान दिलाई।
उन्होंने यह भी कहा कि नेताजी का जीवन युवाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत है, जो उन्हें देश के लिए समर्पण, साहस और बलिदान की भावना से आगे बढ़ने का मार्ग दिखाता है। पराक्रम दिवस नेताजी के आदर्शों को आत्मसात करने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का अवसर प्रदान करता है।
पराक्रम दिवस के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों, श्रद्धांजलि सभाओं और स्मृति आयोजनों का आयोजन किया गया, जहां लोगों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के योगदान को याद कर उन्हें नमन किया।
— रिपोर्ट: कंट्री इनसाइड न्यूज एजेंसी


























