सौरभ निगम/रांची ब्यूरो।झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ब्रिटेन की मंत्री मैल्होत्रा के साथ हुई अपनी महत्वपूर्ण बैठक की जानकारी साझा करते हुए बताया कि दोनों पक्षों के बीच जिम्मेदार खनन, क्रिटिकल मिनरल्स और जलवायु परिवर्तन से जुड़े विषयों पर सहयोग मजबूत करने को लेकर सार्थक चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर ट्वीट करते हुए कहा कि इस बातचीत के दौरान यूके-झारखंड क्रिटिकल मिनरल्स ट्रैक विकसित करने के महत्व पर सहमति बनी। इस प्रस्तावित सहयोग का फोकस ESG (पर्यावरण, सामाजिक और प्रशासनिक) ढांचे, खनिजों की ट्रेसेबिलिटी, स्वच्छ प्रौद्योगिकियों और मजबूत व लचीली आपूर्ति श्रृंखला के विकास पर रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल झारखंड को वैश्विक स्तर पर जिम्मेदार और सतत खनन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम कदम साबित होगी, खासकर ऐसे समय में जब क्रिटिकल मिनरल्स की वैश्विक मांग तेज़ी से बढ़ रही है।
बैठक में झारखंड की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को लेकर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने राज्य में मौजूद मेगालिथ्स और मोनोलिथ्स के संरक्षण पर संयुक्त सहयोग की संभावनाओं पर विचार किया। इस संदर्भ में स्टोनहेंज जैसे वैश्विक सर्वोत्तम उदाहरणों से सीख लेने और उन्हें झारखंड की विरासत के संरक्षण में लागू करने पर भी सहमति बनी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस अवसर पर मंत्री मैल्होत्रा को झारखंड भ्रमण का औपचारिक निमंत्रण भी दिया, जिसे उन्होंने सकारात्मक रूप से स्वीकार किया। यह दौरा भविष्य में राज्य और ब्रिटेन के बीच सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में सहायक माना जा रहा है।
राज्य सरकार के अनुसार, इस प्रकार का अंतरराष्ट्रीय सहयोग झारखंड में सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण को मजबूती प्रदान करेगा, साथ ही निवेश और तकनीकी साझेदारी के नए अवसर भी खोलेगा।
— रिपोर्ट: कंट्री इनसाइड न्यूज एजेंसी




























