Kaushlendra Pandey/ अध्यक्ष डॉ. महाचन्द्र प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में आयोग की पूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में श्री राजीव रंजन प्रसाद (माननीय उपाध्यक्ष), श्री राजकुमार सिंह (माननीय सदस्य), श्री जय कृष्ण झा (माननीय सदस्य) एवं श्री दयानन्द राय (माननीय सदस्य) उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान आयोग के पिछले छह (06) माह के कार्यकाल की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा में पाया गया कि आयोग द्वारा सभी प्रमंडलों का दौरा किया गया है, जिसमें बिहार के सभी जिले सम्मिलित रहे। इस दौरान पदाधिकारियों, बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों एवं जनप्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों के आधार पर निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए—
1. एमडब्ल्यूई (10 प्रतिशत आरक्षण) के अंतर्गत बिहार सरकार द्वारा केन्द्र सरकार के अनुरूप प्रदत्त आरक्षण लाभ को लेकर यह सामने आया कि प्रमाण-पत्र निर्गत कराने में आम नागरिकों को कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या के समाधान हेतु प्रमंडलीय स्तर पर समीक्षा करने का निर्देश संबंधित प्रमंडलीय आयुक्तों को दिया गया है। साथ ही नियमावली में परिलक्षित त्रुटियों के निराकरण के लिए सामान्य प्रशासन विभाग एवं राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना से वार्ता कर त्वरित कार्रवाई का निर्णय लिया गया है। आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि प्रमंडलीय स्तर पर निर्गत, अस्वीकृत एवं लंबित प्रमाण-पत्रों का विस्तृत आंकड़ा संधारित किया जाए।
2. समीक्षा में यह तथ्य सामने आया कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से गरीब परिवारों की संख्या 25.09 प्रतिशत है। वहीं आवासहीन/भूमिहीन वर्ग 0.31 प्रतिशत है तथा सामान्य वर्ग में 10,000 रुपये मासिक आय वाले लोगों की संख्या 49.07 प्रतिशत है। इससे स्पष्ट है कि इस वर्ग के अनेक लोग अभी भी भूमिहीन एवं आवासहीन हैं। ऐसे परिवारों को अन्य वर्गों की भांति वासगीत पर्चा उपलब्ध कराने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग तथा सामान्य प्रशासन विभाग से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया है।
3. सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु अलग छात्रावास निर्माण, अनुदान की व्यवस्था एवं रोजगार सृजन के लिए प्रशिक्षण देने संबंधी कार्ययोजना का प्रारंभिक प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जा चुका है।
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि मात्र छह माह के भीतर आयोग द्वारा कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं तथा आने वाले समय में जनहित से जुड़े और भी निर्णय लिए जाने की आवश्यकता महसूस की गई है।
— रिपोर्ट: कंट्री इनसाइड न्यूज एजेंसी




























