Kaushlendra Pandey/जेडीयू प्रवक्ता नवल शर्मा ने कहा कि बिहार विधानमंडल सत्र के दौरान आरजेडी विधायकों ने अपने अमर्यादित, और असंसदीय आचरण से न केवल सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाया है, बल्कि बिहार की राजनीतिक संस्कृति पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। इसके विपरीत, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर यह साबित किया है कि संसदीय शालीनता, संयम और लोकतांत्रिक मर्यादा क्या होती है। लगातार उकसावे, शोर-शराबे और व्यक्तिगत टिप्पणियों के बावजूद उन्होंने सदन को चलाने और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने का सराहनीय प्रयास किया। यही अंतर है एक जिम्मेदार शासक और अराजक विपक्ष के बीच। जानता को भी भली भांति पता है कि कौन राज्य को आगे ले जाने की बात करता है और कौन केवल सत्ता के लिए हंगामा करता है।
























