अमित राय कोलकाता: आम लोगों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने आज विभिन्न विभागों के अधिकारियों और तीन तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ आपात बैठक की। बैठक में राज्य में ईंधन और रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि गैस एजेंसियों को प्राथमिकता के आधार पर गैस आपूर्ति सुनिश्चित करनी होगी। मुख्यमंत्री ने तेल कंपनियों से अनुरोध किया कि मौजूदा संकट की स्थिति में राज्य में उपलब्ध ईंधन को बाहर न भेजा जाए। साथ ही ईंधन संकट से निपटने के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार करने का भी फैसला लिया गया।
सरकार ने अस्पतालों, सामान्य घरों, मिड-डे-मील योजना के तहत आने वाले स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों, सुधार गृहों, सरकारी हॉस्टलों और अन्य सरकारी संस्थानों में गैस आपूर्ति को विशेष प्राथमिकता देने पर जोर दिया। इसके अलावा रेस्तरां, हॉकर्स और होम डिलीवरी सेवाओं से जुड़े लोगों की जरूरतों पर भी चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ईंधन की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, अधिक कीमत वसूली या जमाखोरी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जरूरत पड़ने पर राज्य सरकार जमाखोरों से गैस जब्त करने की कार्रवाई भी करेगी। जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को आम लोगों की मदद के लिए तैयार रहने और सप्लाई चेन को पारदर्शी व नियमित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में कुछ अहम सुझाव भी रखे गए, जिनमें गैस बुकिंग सर्वर को जल्द चालू कराने की मांग, जरूरत पड़ने पर गैस सप्लाई के लिए ग्रीन चैनल बनाने, सीएनजी इस्तेमाल करने वाले खासकर ऑटो चालकों के लिए गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने और ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त केरोसिन तेल उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा गैस की कीमत बढ़ाने और बुकिंग की समयसीमा बढ़ाने के फैसले से लोगों में चिंता का माहौल बना है, लेकिन आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार लगातार स्थिति पर नजर रख रही है और लोगों के हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगी।





























