Kaushlendra Pandey /कंट्री इनसाइड न्यूज एजेंसी/ बिहार के मोतिहारी स्थित महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय में तृतीय दीक्षांत समारोह का आयोजन अत्यंत भव्य, गरिमामय एवं प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में उत्साह, गर्व और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहाँ सैकड़ों विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए उपाधियाँ प्रदान की गईं।
समारोह में देश के माननीय उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी निभाने का सशक्त साधन है। उन्होंने युवाओं को नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सेवा भाव के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
इस अवसर पर बिहार के राज्यपाल सैय्यद अता हसनैन ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के युवा देश के भविष्य के निर्माता हैं और उन्हें अपने ज्ञान का उपयोग समाज के उत्थान के लिए करना चाहिए।
राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने अपने प्रेरक संबोधन में शिक्षा के साथ-साथ चरित्र निर्माण पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि सच्ची सफलता वही है, जो समाज के हित में उपयोगी साबित हो।
कार्यक्रम में सांसद राधा मोहन सिंह एवं बिहार सरकार के मंत्री सुनील कुमार की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह की शोभा बढ़ाई। सभी अतिथियों ने विद्यार्थियों को जीवन में आगे बढ़ने, अपने सपनों को साकार करने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
दीक्षांत समारोह के दौरान मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक एवं विशिष्ट सम्मान प्रदान किए गए। इस दौरान अभिभावकों और शिक्षकों के चेहरे पर गर्व की झलक स्पष्ट दिखाई दी।
समारोह का मुख्य संदेश “ज्ञान, संस्कार और सेवा” पर आधारित रहा, जिसने विद्यार्थियों को यह संकल्प दिलाया कि वे अपने ज्ञान का उपयोग समाज और देश के विकास में करेंगे।
यह दीक्षांत समारोह न केवल विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ, बल्कि उनके जीवन की नई शुरुआत का प्रतीक भी बना। यह अवसर उनके सपनों को नई दिशा देने और उन्हें ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए प्रेरणादायी सिद्ध हुआ।

























