Kaushlendra Pandey / निदेशक, प्राथमिक शिक्षा, शिक्षा विभाग, बिहार सरकार की अध्यक्षता में निजी विद्यालयों के संघ एवं संगठनों के प्रतिनिधियों तथा नोडल पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप निदेशक, प्राथमिक शिक्षा तथा उप निदेशक, दिव्यांगजन सशक्तिकरण निदेशालय, समाज कल्याण विभाग, बिहार के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
बैठक में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 12(1)(c) के अंतर्गत कमजोर वर्ग एवं अलाभकारी समूह के बच्चों के प्रस्वीकृति प्राप्त निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत नामांकन की प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा की गई। सभी प्रस्वीकृति प्राप्त निजी विद्यालयों को निर्देश दिया गया कि वे दिनांक 13 अप्रैल, 2026 तक अपनी Intake Capacity अनिवार्य रूप से पोर्टल पर भरना सुनिश्चित करें, ताकि नामांकन प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण की जा सके। निर्धारित समय सीमा में Intake Capacity न भरने वाले विद्यालयों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रस्वीकृति प्रक्रिया की समीक्षा में पाया गया कि दिनांक 14 जनवरी, 2026 से 08 अप्रैल, 2026 के मध्य ऑनलाईन आवेदन करने वाले कुल 1949 विद्यालयों को प्रस्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। वहीं, 90 दिनों से अधिक समय से लंबित 417 विद्यालयों के आवेदनों का निष्पादन माह अप्रैल तक एवं शेष सभी आवेदनों का निर्धारित समय सीमा के अंदर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि जिला एवं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी आवेदित विद्यालयों के अभिलेखों की स्थलीय जाँच के बाद ही अनुशंसा सहित आवेदन को आगे अग्रसारित करें तथा मानकों के अनुरूप ही प्रस्वीकृति के मामलों का निष्पादन किया जाए।
नामांकन की वर्तमान स्थिति के संबंध में बताया गया कि रैंडमाईजेशन के माध्यम से विद्यालय आवंटित किए गए बच्चों में से अब तक 56,573 बच्चों का नामांकन संबंधित विद्यालयों द्वारा किया जा चुका है, जबकि शेष 8,186 बच्चों का नामांकन अभी भी विद्यालयों के स्तर पर लंबित है। सभी संबंधित निजी विद्यालयों को निर्देश दिया गया कि वे इन बच्चों का नामांकन शीघ्र सुनिश्चित करें तथा दूरी या अन्य कारणों से नामांकन को अस्वीकार न करें। नामांकन केवल तभी अस्वीकार किया जा सकेगा जब अभिलेखीय साक्ष्य में कोई विसंगति हो अथवा अभिभावक स्वयं नामांकन न लेने हेतु आवेदन दें।
RTE धारा 12(1)(c) के तहत नामांकित बच्चों के एवज में प्रतिपूर्ति राशि के संबंध में बैठक में अवगत कराया गया कि शैक्षणिक सत्र 2019-20 से 2023-24 तक के लिए अब तक संबंधित निजी विद्यालयों के खातों में DBT के माध्यम से कुल 200.71 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की जा चुकी है। अरवल, पूर्वी चम्पारण, रोहतास, सहरसा एवं शेखपुरा जिलों को शत-प्रतिशत प्रतिपूर्ति राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। नालंदा, सिवान, पश्चिम चम्पारण, बेगूसराय, गोपालगंज एवं पटना जिलों के शेष विद्यालयों की जाँच प्रतिवेदन प्राप्ति हेतु संबंधित जिला पदाधिकारियों को पत्र प्रेषित करने का निर्देश दिया गया है। शेष जिलों की जाँच प्रक्रिया पूरी करने के लिए साप्ताहिक समीक्षा जारी है।
बैठक में तकनीकी कठिनाइयों के समाधान पर भी विशेष ध्यान दिया गया। निजी विद्यालयों के प्रतिनिधियों ने बताया कि अनेक विद्यालयों द्वारा भौतिक रूप से नामांकन लिए जाने के बावजूद तकनीकी ज्ञान के अभाव में बच्चे पोर्टल पर लंबित प्रदर्शित हो रहे हैं। इस समस्या के निराकरण हेतु Intake Capacity एवं नामांकन प्रक्रिया से संबंधित एक मार्गदर्शक वीडियो तैयार कर सभी विद्यालयों को प्रसारित किए जाने का निर्देश दिया गया। बैठक में उप निदेशक , प्राथमिक शिक्षा श्रीमती उर्मिला कुमारी , उप निदेशक , जनसम्पर्क श्री दिनेश कुमार भी उपस्थित थे



























