Kaushlendra Pandey / राज्य में बढ़ती गर्मी एवं संभावित लू (हीट वेव) की स्थिति को देखते हुए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में कार्य कर रहा है। विभाग के सचिव श्री पंकज कुमार पाल द्वारा सभी संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
सचिव ने निर्देश दिया है कि लू के दौरान आमजन को निर्बाध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। इसके लिए क्षेत्रों में जलापूर्ति योजनाओं की सतत निगरानी की जा रही है।
विभाग द्वारा पाइपलाइन लीकेज की त्वरित मरम्मत, खराब हैंडपंपों को अविलंब ठीक कराने, जल स्रोतों की नियमित जांच एवं जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। आपात स्थिति से निपटने के लिए कंट्रोल रूम को सक्रिय रखा गया है तथा CGRC (केंद्रीकृत शिकायत निवारण केंद्र) के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का त्वरित निष्पादन किया जा रहा है।
सचिव ने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रत्येक 15 दिनों पर पंचायत स्तर पर भू-जल स्तर की नियमित जांच कर उसका प्रतिवेदन मुख्यालय को भेजना सुनिश्चित करें। जिन क्षेत्रों में भू-जल स्तर में गिरावट पाई जाती है, वहां अविलंब वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
सभी अभियंताओं एवं पदाधिकारियों को नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण कर जमीनी स्थिति का आकलन करने तथा जलापूर्ति से जुड़ी समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। अधीक्षण अभियंताओं को भी क्षेत्र में सक्रिय रहकर व्यवस्था की निरंतर निगरानी करने को कहा गया है।
कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि लू की स्थिति में राज्य के प्रत्येक नागरिक को शुद्ध एवं पर्याप्त पेयजल की उपलब्धता हर हाल में बनी रहे।





























