प्रियंका भारद्वाज की रिपोर्ट /नितीश कुमार जी भारतीय जनता पार्टी से इसलिए अलग हुए क्योंकि उनको प्रधानमंत्री बनना था.लेकिन भाजपा में उसकी कोई वैकेंसी नहीं थी.पूरा देश का हर नागरिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार फिर प्रधानमंत्री बनना देखना चाहता है.नीतीश कुमार ने महागठबंधन में इसी मुद्दे को लेकर जाकर समझौता किया लेकिन अब उनको 2 महीने में ही समझ में आ गया तब उनको विरोधी दल में भी कोई पूछने वाला नहीं है इसलिए तेजस्वी यादव को 2025 में मुख्यमंत्री बनाने की बात कर रहे हैं अब वह पूरी तरह से निराश हो चुके हैं उनको कोई भी दल नेता मानने को तैयार नहीं है मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने अलमारी में दो तरह के कपड़े रखते हैं एक हरे रंग का और एक केसरिया रंग का समय के अनुसार कपड़ा बदलने का भी काम करते हैं आज के समय में भारत के द्वीप में नीतीश कुमार जी आप हो गए हैं हम सभी तिरंगा के कपड़ा वाले लोग हैं हम लोग कपड़ा नहीं बदलते हैं 2025 तक अपने भतीजे को पीट होकर वह सत्ता में बने रहे हमारी भी काम में आए वह जनता के साथ वादाखिलाफी कर रहे हैं हिंदुस्तान की राजनीति में चाचा भतीजा की प्रासंगिकता खत्म हो गई है वही बिहार को विशेष राज्य के दर्जे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मान पर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जयसवाल का बयान एनके सिंह जेडीयू के सांसद रहे हैं और 14 फाइनेंस कमीशन में उन्होंने इस कार्य को मैच नहीं किया यह सभी जानते हैं फाइनेंस कमीशन से सभी तरह होते हैं इस को विशेष राज्य का दर्जा देना है या नहीं और 15 फाइनेंस कमिशन के चेयरमैन एनीथिंग में ही इसका भी कमेंट नहीं किया मुख्यमंत्री समय-समय पर इस तरह का गुफा छोड़ते हैं हमारे बगल के पड़ोसी राज्य लगातार विकास की बात करती है लेकिन जनता से किए हुए वादे पूछना चाहते हैं दो लाख से ज्यादा लोगों को नौकरी किस महीने में ही देने की बात हुई थी लेकिन अभी तक नौकरी नहीं मिल पा रही है आंगनबाड़ी सेविका हो रसोईया किसी को भी स्थाई नहीं की गई है मुख्यमंत्री चंद्रशेखर यादव से लगातार अनर्गल बयानबाजी कर आते हैं ताकि जनता उनसे कोई सवाल न करें विकास पर चर्चा करें युवा रोजगार पर बात ना करें इसीलिए विशेष राज्य दर्जा की बात करते रहते हैं उपेंद्र कुशवाहा को वीडियो के नेताओं के द्वारा उस पर से गायब करने के सवाल पर कहा कि जेडीयू के नेता कुदमुरा कि उसकी के खेल में लगे हुए हैं मुख्यमंत्री कुमार ने किससे किया वादा किया है या वही जाने उनके झांसे में जो लोग भी आते हैं उनको कुछ मिलता नहीं है.




























