कंट्री इनसाइड न्यूज एजेंसी, पटना।बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन एक बार फिर साहित्य प्रेमियों के लिए सृजन और संवाद का मंच प्रस्तुत करने जा रहा है। डॉ. अनिल सुलभ की प्रेरणा से आगामी मास से सम्मेलन में दो नयी साहित्यिक शृंखलाओं – “कथयामि कथा” (एकल कथा-पाठ) एवं “मैं और मेरी कविता” (एकल काव्य-पाठ) – का शुभारंभ होने जा रहा है। इन शृंखलाओं के अंतर्गत चयनित साहित्यकार अपने मौलिक कथा या काव्य रचनाओं का पाठ प्रबुद्ध श्रोताओं एवं साहित्यजगत की गणमान्य हस्तियों के समक्ष करेंगे।
इस आयोजन की विशेषता यह होगी कि पाठ के उपरांत कुछ विशिष्ट विदुषी एवं विद्वान समीक्षक उन रचनाओं पर अपनी त्वरित, विचारोत्तेजक टिप्पणी भी प्रस्तुत करेंगे। इससे न केवल रचनाकार को सार्थक प्रतिक्रिया मिलेगी, बल्कि उपस्थित साहित्यप्रेमियों को भी साहित्य की गहराइयों में उतरने का अवसर प्राप्त होगा।
सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. अनिल सुलभ ने जानकारी देते हुए बताया कि पाठ और सम्मति देने के इच्छुक साहित्यविद् एवं समीक्षकगण अपना नाम एवं संपर्क संख्या शीघ्रातिशीघ्र सम्मेलन-कार्यालय में सूचीबद्ध करवा सकते हैं। यह अवसर गंभीर, सृजनशील और विवेचनात्मक साहित्य में रुचि रखने वालों के लिए एक अद्वितीय मंच प्रदान करेगा।
यह पहल साहित्यिक संवाद की संस्कृति को सुदृढ़ करेगी और नवोदित व स्थापित रचनाकारों के बीच सेतु का कार्य भी करेगी।




























