Kaushlendra Pandey/पटना ब्यूरो/दिनांक 14-15 एवं 17-18 जुलाई 2025 को होटल द पार्क प्राइड, पटना में दो चरणों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्या-ज्ञान संसाधन केंद्र (FLN RC) की स्थापना एवं उसका सक्रिय संचालन सुनिश्चित कर लैब विद्यालयों को निपुण विद्यालय बनाने हेतु राज्य के प्रशिक्षण संस्थानों से नामित 2-2 व्याख्याताओं (एक भाषा तथा एक गणित के / रूचि रखने वाले) का राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद् महेन्द्रू, पटना द्वारा मंत्रा 4 चेंज के सहयोग से जिला सशक्तिकरण कार्यक्रम के अंतर्गत दो दिवसीय राज्य स्तरीय विज़न बिल्डिंग कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।
कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसमें श्रीमति विभा रानी (विभागाध्यक्ष, SCERT), श्री तेज नारायण (FLN PMU SCERT), नीरज दास गुरु (मंत्रा 4 चेंज) एवं कार्यशाला में शामिल व्याख्याताओं द्वारा किया गया।
इस अवसर पर श्री तेज नारायण सर द्वारा अपने उद्द्घाटन भाषण में जिला सशक्तिकरण कार्यक्रम के उद्देश्यों पर बल देते हुए साझा किया गया कि वर्तमान समय में जिलों के संस्थानों का सुदृढ़ होना काफी आवश्यक हैं, जिससे जिले के समस्त शिक्षक प्रेरणा ले सके और अपने अध्यापन कौशल में 21 वीं सदी के कौशलों को सम्मिलित कर एक कुशल कक्षा का संचालन कर सके तथा इसके साथ ही सर द्वारा यह भी अपेक्षा जाहिर किया गया कि जिलों के प्रशिक्षण संस्थानों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्या-ज्ञान संसाधन केंद्र (FLN RC) की स्थापना एवं उसका सक्रिय संचालन किया जाये तथा लैब विद्यालय में FLN से सम्बंधित गतिविधियों का बेहतर रूप से क्रियान्वयन हो और विद्यालय निपुण लक्ष्य प्राप्त कर सके।
कार्यशाला में श्रीमति विभा रानी मैम द्वारा बुनियादी साक्षरता एवं संख्या-ज्ञान किस तरह से बच्चों की नीव को मजबूत करने में सहायक है एवं FLN संसाधन केंद्र की भूमिका इसमें क्या है इस पर मैम द्वारा अपने वक्तव्य साझा किया गया। कार्यशाला में प्रथम बैच में 52 एवं द्वितीय बैच में 49 व्याख्याताओं की (भाषा एवं गणित के) समस्त जिलों से उपस्थिति रही। इसके साथ इन दो दिवस में मंत्रा 4 चेंज के सहजकर्ताओं द्वारा कार्यशाला के उद्देश्य एवं नीतियाँ क्या कहती है तथा FLN RC क्या है, भाषा, गणित, संस्कृति, भावनात्मक एवं इत्यादि बिन्दुओं को लेकर इनके कोनों का क्या महत्व है। इस पर कार्यशाला के प्रथम दिवस चर्चा किया गया तथा व्याख्याताओं द्वारा निपुण लक्ष्यों को ध्यान में रखकर पाठ वार भाषा सम्बंधित गतिविधियाँ तैयार कि गई । द्वितीय दिवस में एक कक्षा में शिक्षक कोना होना क्यों आवश्यक है एवं गणित विषय से सम्बंधित पाठ वार गतिविधि तैयार किया गया। इसके साथ ही अभ्यास विद्यालय को निपुण बनाने में TEIs की भूमिका क्या होगी इस पर पर चर्चा किया गया।
कार्यशाला के अंत में सभी सहभागियों से पोस्ट वर्क एवं फीडबैक फॉर्म के माध्यम से प्रतिक्रिया प्राप्त किया गया तथा श्रीमति विभा रानी एवं नीरज दास गुरु जी द्वारा सभी सहभागियों का धन्यवाद ज्ञापन कर कार्यशाला का समापन किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में मंत्रा 4 चेंज से जुड़े श्री नीरज दास गुरु, कुमार अमलेंदु, एवं भारती चौहान की विशेष भूमिका रही।



























