Kaushlendra Pandey/पटना /उत्तर बिहार के सीतामढ़ी, मधुबनी, झंझारपुर और दरभंगा के कुछ हिस्सों में भू-जल स्तर में गिरावट की स्थिति को ध्यान में रखते हुए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ने क्षेत्र में पेयजलापूर्ति हेतु सक्रिय रूप से कार्य प्रारंभ कर दिया गया है ।मंत्री, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, श्री नीरज कुमार सिंह के निर्देशानुसार तत्काल कार्यवाई करते हुए विभागीय मुख्यालय स्तर से चार विशेष तकनीकी टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में सम्बद्ध करने, वैकल्पिक जल स्रोत के रूप में नए चापाकलों के निर्माण, साथ ही अतिरिक्त वॉटर एटीएम और वाटर टैंकरों की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया है ।
विभागीय मंत्री ने बताया कि सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा और झंझरपुर में मुख्यालय से विशेष तकनीकी टीमें तैनात की गई हैं, जो फील्ड में कैंप कर रही हैं और स्थानीय स्तर पर जलापूर्ति की निगरानी कर रही हैं। टीमों को निर्देश दिया गया है कि स्थिति सामान्य होने तक वे मौके पर रहकर तत्काल आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।जिलों में तैनात तकनीकी टीमों द्वारा भू-जल स्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। जैसे ही किसी क्षेत्र में जलस्तर 20 फीट से नीचे जाता है, वहां तुरंत संरचनात्मक रूपांतरण के माध्यम से चापाकलों को चालू कराया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त विभागीय मंत्री द्वारा बताया गया की बीते 48 घंटों के भीतर विभाग ने कुल 289 बंद पेयजल योजनाओं की मरम्मति कर पुनः चालू किया, वहीं 110 से अधिक चापाकलों की संरचनात्मक रूपांतरण कर उनकी गहराई बढ़ाई गई है। विभाग द्वारा इन क्षेत्रों के लिए कुल 528 नए चापाकलों की स्वीकृति भी दी गई है, जो आपात स्थिति में वैकल्पिक जलस्रोत के रूप में कार्य करेंगे।
इस क्रम में आगे बताया गया कि सीतामढ़ी में पिछले दो दिनों में 80 पंचायतों को राहत पहुँचाते हुए 58 जलापूर्ति योजनाएँ दुरुस्त की गई हैं, 76 चापाकलों की मरम्मति हुई है और 85 चापाकलों में गहराई बढ़ाने के लिए संरचनात्मक सुधार किए गए हैं। साथ ही 4 अतिरिक्त वाटर टैंकर तैनात किए गए हैं। झंझारपुर में 18 पंचायतों में 12 योजनाएँ चालू की गई हैं और 7 चापाकलों की गहराई बढ़ाई गई है। वही दरभंगा में 37 पंचायतों के 108 वार्डों में 209 जलापूर्ति योजनाओं को पुनः चालू किया गया है, जबकि 10 चापाकलों की गहराई बढ़ाने हेतु संरचनात्मक रूपांतरण किए गए हैं। साथ ही 200 नए चापाकल निर्माण की स्वीकृत दे दी गई है और 6 वाटर टैंकर तैनात की गई हैं। मधुबनी के 44 पंचायतों में 8 रूपांतरण कार्य, 90 नए चापाकल की स्वीकृति और 2 वाटर टैंकर की व्यवस्था की गई है। जलस्तर 20 फीट से नीचे जाते ही वैकल्पिक व्यवस्था प्रारंभ करने का निर्देश सभी फील्ड टीमों को दिया गया है।
स्थिति की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा सचिव, श्री पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में प्रतिदिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विस्तृत समीक्षा की जा रही है, जिसमें पंचायतवार रिपोर्टिंग, जलस्तर ट्रैकिंग और संसाधनों के त्वरित आवंटन की समीक्षा की जा रही है। प्राप्त फीडबैक के आधार पर ज़मीनी स्तर पर समयबद्ध सुधारात्मक कार्रवाई की जा रही है।


























