सियाराम मिश्रा, वाराणसी ब्यूरो।वाराणसी में आयोजित युवा आध्यात्मिक सम्मेलन (Youth Spiritual Summit) का भव्य समापन “काशी डिक्लेरेशन” के शुभारंभ के साथ हुआ। यह घोषणा भारत में युवा नेतृत्व वाले नशा मुक्ति अभियान के लिए आगामी पांच वर्षों का रोडमैप तय करती है।
केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने इस अवसर पर कहा, “भारत की आध्यात्मिक शक्ति अब नशा मुक्त युवा के निर्माण की दिशा में अग्रणी भूमिका निभाएगी। यही ‘विकसित भारत’ का आधार बनेगी।” उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नशे के खिलाफ इस महाअभियान की रीढ़ बनें और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाएं।
काशी डिक्लेरेशन की मुख्य बातें:
अगले 5 वर्षों में युवा नेतृत्व में व्यापक नशा मुक्ति अभियान।
भारत की आध्यात्मिक विरासत को सामाजिक सुधार का माध्यम बनाना।
आध्यात्मिक संगठनों, संस्थाओं और समाजसेवियों को जोड़ने की रणनीति।
मानसिक स्वास्थ्य, काउंसलिंग और पुनर्वास सेवाओं को मजबूत करना।
सम्मेलन में देशभर के आध्यात्मिक नेताओं, युवा प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। ‘नशा मुक्त भारत’ के इस नए अध्याय को वाराणसी से आरंभ करना प्रतीकात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण रहा — जहां आध्यात्मिक ऊर्जा और परिवर्तन की प्रेरणा साथ मिलती है।





























