Kaushlendra Pandey | पटना | 06 अगस्त 2025/पटना के मेदांता अस्पताल में इलाज में कथित लापरवाही के चलते नगर परिषद बक्सर एवं डुमरांव के कार्यपालक पदाधिकारी मनीष कुमार की पत्नी अर्पिता देवी का असमय निधन हो गया। इस घटना ने एक खुशहाल परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया है।
जानकारी के अनुसार, अर्पिता देवी को अचानक तबीयत बिगड़ने पर पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया। वह स्वयं चलकर अस्पताल पहुँची थीं और शाम 4 बजे तक उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही थी। इसी बीच उन्हें ICU में शिफ्ट करने की बात कहकर आवश्यक औपचारिकताएं करवाई गईं। लेकिन महज 5 मिनट बाद ही डॉक्टरों ने परिजनों को सूचित किया — “अब वह नहीं रहीं।”
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में उस समय कोई सीनियर डॉक्टर मौजूद नहीं था। रविवार को अस्पताल जैसे बड़े संस्थान में इलाज की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होना और अचानक हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
परिवार की ओर से इस दर्द को चुपचाप सहा गया, जब तक मृतका की माता और भाई जर्मनी से नहीं लौटे। अंतिम संस्कार आज हाजीपुर के कौनहारा घाट पर संपन्न हुआ, जहां परिजनों और शुभचिंतकों की भारी भीड़ मौजूद रही।
इस दुखद क्षण में मनीष कुमार के सहयोगियों, मित्रों एवं प्रशासनिक परिवार ने एकजुटता दिखाई। एक साथी ने बताया, “मैं यात्रा में था, लेकिन संजय जी और कुंदन जी लगातार मुझे स्थिति की जानकारी दे रहे थे। आज मैं भी अंतिम संस्कार में शामिल हुआ और परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट की।”
इस हादसे के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की भावनाएं उमड़ पड़ी हैं।
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