Kaushlendra Pandey:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के तियानजिन में किर्गिज़ गणराज्य के राष्ट्रपति सादिर जापारोव से मुलाकात की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट करते हुए कहा – “A very productive conversation with Kyrgyz President Sadyr Japarov in Tianjin. Our nations share a robust partnership and we will keep working together to add more vigour to our developmental cooperation.” यानी किर्गिज़ राष्ट्रपति के साथ बेहद फलदायी बातचीत हुई। हमारे दोनों देशों के बीच मज़बूत साझेदारी है और हम विकास सहयोग को और गति देने के लिए साथ काम करते रहेंगे।
भारत और किर्गिज़स्तान के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्ते हैं, जिन्हें अब आधुनिक दौर में नई मजबूती दी जा रही है। तियानजिन में हुई यह मुलाकात व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को और गहराई देगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य एशिया में किर्गिज़स्तान भारत का अहम रणनीतिक साझेदार है। चीन और रूस के प्रभाव वाले इस क्षेत्र में भारत का मज़बूत होना न केवल SCO देशों के बीच संतुलन बनाने में मदद करेगा बल्कि अमेरिका और पश्चिमी देशों के लिए भी यह संकेत है कि भारत बहुध्रुवीय विश्व में अपना दायरा लगातार बढ़ा रहा है।
कंट्री इनसाइड न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति जापारोव की यह मुलाकात भारत-मध्य एशिया रिश्तों को नई ऊंचाई देने वाली साबित हो सकती है।




























