हैदराबाद/नई दिल्ली। कंट्री इनसाइड न्यूज एजेंसी।भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), भारत सरकार के सहयोग से हैदराबाद में चौथा “आधार संवाद” आयोजित किया। इस राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन में 700 से ज़्यादा सरकारी अधिकारी, उद्योग जगत के दिग्गज, स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ एक साथ जुटे, जिनका उद्देश्य आधार के माध्यम से नवाचार, समावेशन और डिजिटल सशक्तिकरण को नई दिशा देना था।
डिजिटल इंडिया के ‘आधार’ पर चर्चा
कार्यक्रम का उद्घाटन सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव श्री एस. कृष्णन ने किया। उन्होंने कहा कि आधार आज भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (Digital Public Infrastructure) की रीढ़ बन चुका है, जो करोड़ों नागरिकों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रहा है।
UIDAI के चेयरमैन श्री नीलकंठ मिश्रा ने कहा कि अब समय आ गया है कि आधार उपयोगकर्ताओं और विभिन्न साझेदार संस्थाओं के बीच गहरी साझेदारी स्थापित की जाए, ताकि सेवा वितरण को और भी प्रभावी बनाया जा सके।
वहीं, UIDAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री भुवनेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा, “आधार केवल 12 अंकों की पहचान नहीं है, यह सशक्तिकरण, पहुंच और विश्वास की यात्रा है। आने वाले समय में शिक्षा, स्वास्थ्य, कल्याण और नागरिक सेवाओं में इसका योगदान और भी बढ़ेगा।”
कई अहम पहलें और घोषणाएँ
इस मौके पर UIDAI ने कई नई पहलें शुरू कीं —
‘Aadhaar MyStamp’ और डाक विभाग द्वारा एक विशेष स्मारक कवर जारी किया गया।
‘Aadhaar Brand Manual’ पेश किया गया, जिससे डिजिटल और ऑफलाइन प्लेटफार्मों पर एक समान ब्रांडिंग सुनिश्चित की जा सके।
UIDAI के तकनीकी केंद्र ने नई आधार ऐप की झलक भी पेश की, जिसमें उपयोगकर्ताओं को यह चुनने का अधिकार होगा कि वे किन सेवाओं के लिए आधार का उपयोग करें।





























