नई दिल्ली। प्रियंका भारद्वाज।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज राजधानी नई दिल्ली में आयोजित नेशनल कॉनक्लेव 2025 को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार पूर्व सैनिकों के कल्याण, पुनर्वास और समाज में पुनः एकीकरण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के पूर्व सैनिकों ने देश की सुरक्षा और अखंडता के लिए अपना सर्वोत्तम योगदान दिया है, और अब सरकार का कर्तव्य है कि उनके गौरवशाली जीवन के इस अगले चरण में उन्हें हर संभव सहयोग और समर्थन प्रदान किया जाए।
पूर्व सैनिकों की भूमिका से प्रेरित हो रहा है युवा वर्ग
रक्षा मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि पूर्व सैनिकों की वीरता और उपलब्धियां केवल उनके साथी सैनिकों को ही नहीं बल्कि देश के युवाओं को भी प्रेरित करती हैं। “उनका समर्पण, अनुशासन और निष्ठा युवाओं को यह सिखाती है कि राष्ट्र सेवा जीवन का सर्वोच्च उद्देश्य है,” उन्होंने कहा।
समर्पण और सेवा का प्रतीक
राजनाथ सिंह ने कहा कि देश के रक्षकों का समाज में पुनः एकीकरण केवल एक कल्याणकारी कदम नहीं, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण में उनके अनुभव और क्षमता को जोड़ने का प्रयास है। उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार पूर्व सैनिकों की आजीविका, शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
सरकार की प्रतिबद्धता
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, केंद्र सरकार पूर्व सैनिकों के हित में कई नीतिगत सुधारों, योजनाओं और नई पहल पर काम कर रही है। इसमें पुनर्वास कार्यक्रम, कौशल विकास प्रशिक्षण, उद्यमिता समर्थन और रोजगार अवसर सृजन जैसी योजनाएँ शामिल हैं, ताकि पूर्व सैनिक देश के आर्थिक और सामाजिक विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
रक्षा मंत्री ने अंत में कहा कि “पूर्व सैनिक न केवल हमारी सीमाओं के प्रहरी हैं, बल्कि वे समाज के नैतिक मार्गदर्शक भी हैं। सरकार उनके साथ खड़ी है और रहेगी।”



























