Kaushlendra Pandey/नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि यह सत्र केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि राष्ट्र की प्रगति को तेज़ गति से आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने भरोसा जताया कि यह सत्र देश के विकास के सामूहिक प्रयासों में नई ऊर्जा का संचार करेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद को यह विचार करना चाहिए कि देश के लिए क्या सोचा जा रहा है, क्या किया जा रहा है और आगामी समय में क्या किया जाना है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि संसद की कार्यवाही राष्ट्रहित के मुद्दों पर केंद्रित होनी चाहिए, ताकि जनता की उम्मीदों और आकांक्षाओं को पूरा किया जा सके।
शीतकालीन सत्र के एजेंडे में कई महत्वपूर्ण विधेयक और नीतिगत मुद्दों पर चर्चा प्रस्तावित है, जिससे उम्मीद है कि संसद में रचनात्मक और सार्थक संवाद देखने को मिलेगा।



























