सियाराम मिश्रा/वाराणसी। काशी-तमिल संगमम् 4.0 के तहत आयोजित ‘रन फॉर केटीएस 4.0’ कार्यक्रम में रविवार सुबह सैकड़ों युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर में आयोजित इस दौड़ में छात्रों के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे पूरा परिसर ऊर्जा और जोश से भर उठा।
दौड़ की शुरुआत बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने हरी झंडी दिखाकर की। कुलपति ने कहा कि युवाओं की इतनी बड़ी भागीदारी काशी और तमिलनाडु के बीच सांस्कृतिक एकता का मजबूत संदेश देती है।
कार्यक्रम के संयोजक प्रो. भुवन चंद्र कपरी ने बताया कि ‘रन फॉर केटीएस 4.0’ का मुख्य उद्देश्य उत्तर और दक्षिण भारत की सांस्कृतिक धरोहरों और परंपराओं को जोड़ते हुए युवा पीढ़ी में एकता और राष्ट्रीय चेतना को बढ़ावा देना है।
सह-संयोजक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि इस बार बीएचयू ही नहीं, बल्कि आसपास के कॉलेजों और वाराणसी शहर के युवाओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लेकर इस दौड़ को सफल बना दिया।
नोडल अधिकारी प्रो. अंचल श्रीवास्तव ने कहा कि काशी-तमिल संगमम् एक ऐतिहासिक सांस्कृतिक पहल है और इस तरह के आयोजन समाज में समन्वय, सद्भाव और सांस्कृतिक साझेदारी को मजबूत करते हैं।
समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। दौड़ में युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की उल्लेखनीय भागीदारी ने इस कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

























