02 दिसम्बर 2025/जद (यू) प्रदेश प्रवक्ता श्री हिमराज राम एवं प्रदेश प्रवक्ता श्री परिमल कुमार ने मीडिया में जारी बयान में कहा कि बिहार की राजनीति में महागठबंधन के स्वार्थ की राजनीति पर जनता ने इस विधानसभा चुनाव में पूर्ण विराम लगा दिया। आरजेडी के नेतृत्व वाले महागठबंधन में शुरू से ही न कोई स्पष्ट नीति दिखाई दी और न ही ईमानदार राजनीतिक संकल्प। सीटों के बंटवारे से लेकर मुख्यमंत्री पद की मांग तक, हर निर्णय में सहयोगियों के बीच अविश्वास और अंतर्विरोध स्पष्ट रूप से झलकता रहा। आरजेडी अपनी अधिक सीटों और मुख्यमंत्री पद की जिद पर अड़ी रही, वहीं कांग्रेस तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार मानने को तैयार नहीं थी। साझीदार दल वीआईपी और वाम दल भी अपने-अपने हित साधने में अधिक व्यस्त रहे। इन सबके कारण महागठबंधन जनसरोकार के मुद्दों से पूरी तरह दूर हो गया और जनता को कोई स्पष्ट विकल्प देने में विफल रहा।
इसी अवसरवादी राजनीति का परिणाम रहा कि हाल ही में सम्पन्न हुए विधानसभा चुनाव में बिहार की जनता ने महागठबंधन को पूरी तरह नकार दिया और उसे करारी हार का सामना करना पड़ा। आरजेडी और उसके सहयोगी जनविश्वास अर्जित करने में नाकाम रहे क्योंकि उनके पास न विकास की ठोस योजना थी और न ही सुशासन के प्रति कोई प्रतिबद्धता। बिहार की जनता ने चार्जशीटेड एवं सजायाफ्ता नेताओं पर भरोसा नहीं किया।
इसके विपरीत, बिहार की जनता ने मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए पर अपना पूरा भरोसा जताया। सुशासन, विकास और स्थिरता की बात करने वाले एनडीए को जनता का व्यापक समर्थन मिला और गठबंधन को ऐतिहासिक बहुमत हासिल हुआ। इस प्रचंड बहुमत का स्पष्ट संदेश है कि बिहार की जनता काम को महत्व देती है, न कि स्वार्थ आधारित राजनीतिक प्रयोगों को।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की सरकार का साल 2025 से 2030 का काल बिहार के लिए औद्योगिक क्रांति का काल होगा जहां ना केवल नए-नए उद्योगों की स्थापना की जाएगी बल्कि 1 करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी एवं रोजगार देने का काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की अगुवाई में बिहार सतत विकास तथा सुशासन के संकल्प को और मजबूत करते हुए आगे बढ़ने का काम करेगा।



























