कौशलेन्द्र पाण्डेय:पूर्वी सिंहभूम जिले के करनडीह स्थित जाहेरथान परिसर में संताली भाषा की ओलचिकी लिपि के शताब्दी वर्ष समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, झारखंड के राज्यपाल श्री संतोष गंगवार तथा मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने सहभागिता की।
कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने संताली भाषा और ओलचिकी लिपि के संरक्षण व संवर्धन को आदिवासी सांस्कृतिक विरासत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड की पहचान उसकी भाषाएं, संस्कृति और परंपराएं हैं, जिन्हें आगे बढ़ाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
इस अवसर पर पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, जनजातीय कला और लोक परंपराओं की झलक देखने को मिली। समारोह में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि और बुद्धिजीवी उपस्थित रहे।
कंट्री इनसाइड न्यूज एजेंसी




























