सौरभ निगम /नई दिल्ली। Jitendra Singh ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र में मिशन-आधारित सहयोग को और मजबूत करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच शोध, नवाचार और उभरती तकनीकों के क्षेत्र में साझेदारी आने वाले वर्षों में वैश्विक चुनौतियों के समाधान में अहम भूमिका निभा सकती है।
इस अवसर पर 20 वर्षीय ऑस्ट्रेलिया-भारत रणनीतिक अनुसंधान कोष (AISRF) के तहत पांच संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं को अंतिम रूप दिया गया। यह कोष भारत और Australia के बीच विज्ञान एवं तकनीकी सहयोग का प्रमुख मंच है, जो पिछले दो दशकों से दोनों देशों के वैज्ञानिकों और शोध संस्थानों को जोड़ता रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह साझेदारी केवल औपचारिक सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे “मिशन मोड” में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है, ताकि शोध का प्रत्यक्ष लाभ उद्योग, स्टार्टअप और आम जनता तक पहुंचे। उन्होंने उभरती तकनीकों, जलवायु परिवर्तन, स्वच्छ ऊर्जा, कृषि नवाचार और स्वास्थ्य अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में साझा परियोजनाओं को प्राथमिकता देने पर बल दिया।
गौरतलब है कि AISRF ढांचा पिछले 20 वर्षों से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वैज्ञानिक संबंधों को मजबूत कर रहा है। नई स्वीकृत पांच परियोजनाओं से दोनों देशों के वैज्ञानिकों के बीच ज्ञान आदान-प्रदान और तकनीकी नवाचार को नई गति मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-ऑस्ट्रेलिया तकनीकी साझेदारी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग को भी मजबूती देगी




























