Kaushlendra Pandey /17 फरवरी 2026, पटना। जद (यू) प्रदेश प्रवक्ता श्री मनीष यादव ने मीडिया में जारी बयान में कहा कि बिहार विधानसभा का बजट सत्र राज्य के विकास, जनहित और नीतिगत दिशा तय करने का सबसे महत्वपूर्ण मंच होता है। ऐसे गंभीर और निर्णायक समय में नेता प्रतिपक्ष का लगातार सदन से अनुपस्थित रहना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
आरजेडी पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का पद केवल राजनीतिक सुविधा या लाभ का माध्यम नहीं है, बल्कि यह जनता की आवाज को सशक्त रूप से सदन में उठाने की संवैधानिक जिम्मेदारी है। जब पूरा राज्य बजट सत्र की कार्यवाही पर निगाह बनाए हुए है, तब नेता प्रतिपक्ष की अनुपस्थिति लोकतांत्रिक परंपराओं और जनादेश - दोनों के साथ अन्याय है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई जनप्रतिनिधि अपने दायित्वों का प्रभावी निर्वहन करने में सक्षम नहीं है, तो नैतिकता के आधार पर उसे पद छोड़ देना चाहिए, ताकि कोई सक्रिय और जवाबदेह प्रतिनिधि इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को निभा सके। जनता ने विपक्ष को भी मजबूत और रचनात्मक भूमिका के लिए चुना है, न कि केवल राजनीतिक बयानबाजी के लिए।
बिहार के विकास, युवाओं के भविष्य, रोजगार सृजन, शिक्षा सुधार और आधारभूत संरचना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर और सार्थक बहस की आवश्यकता है। ऐसे समय में नेता प्रतिपक्ष की अनुपस्थिति जनता के विश्वास को ठेस पहुंचाने वाली है।
उन्होंने नेता प्रतिपक्ष से आग्रह किया कि वे सदन में उपस्थित होकर अपनी संवैधानिक और लोकतांत्रिक जिम्मेदारी निभाएं। अन्यथा, नैतिक आधार पर पद से इस्तीफा देकर किसी अन्य जनप्रतिनिधि को यह दायित्व सौंपें, ताकि विपक्ष की भूमिका प्रभावी ढंग से निभाई जा सके।

























