प्रियंका भारद्वाज /केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेन्द्र सिंह ने अपने IIT Madras दौरे के दौरान देश में पहली बार किए जा रहे ब्रेन सेल मैपिंग शोध और मेड-इन-इंडिया मेडिकल डिवाइसेज़ को प्रमुख उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल भारत को उन्नत जैव-प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य नवाचार के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ा रही है।
डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि IIT मद्रास द्वारा विकसित कंसोर्टियम-ड्रिवन इनोवेशन मॉडल तकनीकों के त्वरित और उपयुक्त व्यावसायीकरण (Technology Commercialisation) को संभव बना रहा है। इस मॉडल के तहत अनुसंधान, उद्योग और स्टार्टअप के बीच समन्वय स्थापित कर प्रयोगशाला से बाजार तक तकनीक पहुंचाने की प्रक्रिया को तेज किया गया है।
उन्होंने बताया कि देश के अन्य शैक्षणिक संस्थान और विश्वविद्यालय भी इस मॉडल को अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं, जिससे अनुसंधान आधारित नवाचार को व्यापक गति मिलेगी।
दौरे के दौरान मंत्री ने अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी की बढ़ती भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रीयूजेबल रॉकेट विकसित करने वाली निजी कंपनी Agnikul Cosmos जैसे प्रयास भारत के स्पेस सेक्टर में नई ऊर्जा और प्रतिस्पर्धा का संकेत देते हैं।
उन्होंने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, Department of Science and Technology, अनुसंधान, नवाचार और उद्योग के बीच मजबूत साझेदारी को बढ़ावा दे रहा है, जिससे आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार किया जा सके।
डॉ. जितेन्द्र सिंह ने जोर देकर कहा कि भारत अब केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि नवाचार का अग्रदूत बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।





























