सौरभ निगम /शिमला/नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री Jagat Prakash Nadda ने हिमाचल प्रदेश के कसौली स्थित Central Research Institute में स्वदेशी रूप से विकसित टेटनस और वयस्क डिप्थीरिया (टीडी) वैक्सीन का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने संस्थान की वैज्ञानिक टीम और स्वास्थ्य कर्मियों की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि भारत की आत्मनिर्भरता और मजबूत होती सार्वजनिक स्वास्थ्य अवसंरचना का प्रतीक है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि टीडी वैक्सीन की स्वदेशी शुरुआत न केवल देश की वैक्सीन उत्पादन क्षमता को सुदृढ़ करेगी, बल्कि टीकाकरण कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने इसे “पब्लिक हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर में मील का पत्थर” करार दिया।
उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि गुणवत्तापूर्ण और किफायती टीके देश के हर नागरिक तक पहुंचें। इस दिशा में अनुसंधान संस्थानों की भूमिका बेहद अहम है। केंद्रीय अनुसंधान संस्थान द्वारा विकसित यह वैक्सीन भारत की वैज्ञानिक क्षमता और आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई मजबूती प्रदान करेगी।
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक और राज्य सरकार के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से देश में वयस्क टीकाकरण कवरेज को बढ़ावा मिलेगा और टेटनस व डिप्थीरिया जैसी गंभीर बीमारियों की रोकथाम में मदद मिलेगी।
सरकार ने संकेत दिया है कि भविष्य में और भी स्वदेशी वैक्सीन एवं जैव-प्रौद्योगिकी उत्पादों के विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे भारत वैश्विक वैक्सीन हब के रूप में अपनी पहचान को और मजबूत कर सके।




























