Kaushlendra Pandey /जद (यू) प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती अंजुम आरा ने मीडिया में जारी बयान में कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम और विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे निराधार आरोपों पर सदन में सरकार ने तथ्यात्मक जवाब देकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। हकीकत ये है कि बिहार में अपराध लगातार घट रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में बिहार ने अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। राज्य सरकार की सख्त कानून-व्यवस्था नीति, त्वरित अनुसंधान, वैज्ञानिक जांच प्रणाली और पुलिस-प्रशासन के बेहतर समन्वय के कारण कई गंभीर अपराधों में कमी दर्ज की गई है तथा अपराधियों के खिलाफ तेज कार्रवाई सुनिश्चित हुई है। और सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर पूरी तरह संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है।
विपक्ष द्वारा यह आरोप लगाया जाता है कि घटनाओं के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की जाती। जबकि सच्चाई ये है कि प्राप्त आवेदनों की विधिवत जांच के बाद 96.16 प्रतिशत मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। यह आंकड़ा स्वयं इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम कर रही है तथा किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बिहार में अपराध का ग्राफ न केवल नियंत्रण में है, बल्कि कई श्रेणियों में राज्य की स्थिति देश में बेहतर है। आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि बिहार अनेक गंभीर अपराध श्रेणियों में देश के कई राज्यों की तुलना में बेहतर स्थिति में है। कानून-व्यवस्था किसी भी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होती है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार इस दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रही है।
अपराध पर प्रभावी नियंत्रण, त्वरित कार्रवाई और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से राज्य में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा रहा है। बिहार आज ‘‘सुशासन’’ के अपने संकल्प को जमीन पर उतारते हुए कानून का राज स्थापित करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम और निराधार आरोप तथ्यों के सामने टिक नहीं पाते। राज्य सरकार अपराध के प्रति ‘जीरो टाॅलरेंस’ की नीति पर अडिग है और आम नागरिक की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।



























