टी पी एस कॉलेज, पटना के वनस्पति विज्ञान विभाग द्वारा आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के तत्वावधान में SDS-PAGE विषय पर एक दिवसीय हैंड्स-ऑन वर्कशॉप का सफल एवं प्रभावशाली आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) तपन कुमार शांडिल्य द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। अपने प्रेरक संबोधन में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “ज्ञान से कौशल की ओर उड़ान हमारा लक्ष्य है।” उन्होंने बताया कि आज का युग केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रयोगात्मक दक्षता और शोध-आधारित दृष्टिकोण की मांग करता है। SDS-PAGE जैसी आधुनिक तकनीकें विद्यार्थियों को जीवन विज्ञान के क्षेत्र में नई संभावनाओं की ओर अग्रसर करती हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि कॉलेज शिक्षा को पुस्तकों की सीमाओं से बाहर निकालकर प्रयोगशाला और अनुसंधान से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि छात्र केवल डिग्रीधारी न बनें, बल्कि वैज्ञानिक सोच और प्रमाण-आधारित अनुसंधान के साथ समाज में योगदान देने वाले शोधकर्ता बनें।
इसके पश्चात रिसोर्स पर्सन के रूप में HiMedia Laboratories से आए डॉ. रामानुज ने छात्रों को प्रोटीन विश्लेषण की आधुनिक तकनीकों का विस्तृत एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। कार्यशाला के दौरान प्रोटीन सैंपल प्रिपरेशन, ग्रेडिएंट जेल कास्टिंग, SDS जेल इलेक्ट्रोफोरेसिस, जेल डॉक्यूमेंटेशन तथा डेटा एनालिसिस की प्रक्रियाओं को चरणबद्ध तरीके से समझाया गया। बी.एससी., एम.एससी. एवं शोधार्थियों के लिए यह कार्यक्रम अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुआ और उन्हें प्रयोगशाला में कार्य करने का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त हुआ, जिससे उनकी तकनीकी दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
आयोजन सचिव एवं वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. विनय भूषण कुमार ने कहा कि HiMedia Laboratories के सहयोग से उच्चस्तरीय उपकरणों और विशेषज्ञ मार्गदर्शन के साथ प्रशिक्षण सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने बताया कि SDS-PAGE प्रोटीन अनुसंधान की रीढ़ है और इस तकनीक में दक्षता प्राप्त करना शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए अत्यंत आवश्यक है। IQAC समन्वयक प्रो. रूपम ने अपने वक्तव्य में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप IQAC का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ कौशल-आधारित अधिगम को बढ़ावा देना है, और इस प्रकार की कार्यशालाएँ छात्रों को अकादमिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक दक्षता प्रदान कर शोध-संस्कृति को सुदृढ़ आधार देती हैं।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. रवि प्रभाकर ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, HiMedia Laboratories की टीम एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. प्रशांत कुमार, डॉ. मुकुंद कुमार एवं डॉ. सोनू प्रताप सिंह की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई तथा उनकी सक्रिय सहभागिता से यह कार्यशाला पूर्णतः सफल रही।


























