प्रियंका भारद्वाज नई दिल्ली: कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय की सचिव रचना शाह ने प्रशासनिक व्यवस्था में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के व्यापक उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि भविष्य का सुशासन डेटा-संचालित और तकनीक-आधारित होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि एआई को अपनाने के साथ-साथ मजबूत डेटा सुरक्षा ढांचा और अधिकारियों-कर्मचारियों की क्षमता निर्माण बेहद जरूरी है।
रचना शाह ने संकेत दिया कि सरकार भर्ती नियमों से लेकर शिकायत निवारण तक शासन के मुख्य कार्यों में एआई को शामिल करने के लिए नीतिगत पहल कर रही है। इससे न केवल प्रक्रियाओं में पारदर्शिता आएगी, बल्कि कामकाज की गति और दक्षता भी बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि एआई का सही उपयोग सरकारी सेवाओं को अधिक जवाबदेह, तेज और नागरिक-केंद्रित बना सकता है। हालांकि, इसके लिए डेटा की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिक शर्त है।
इसी क्रम में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने ‘साधना सप्ताह 2026’ के तहत “सार्वजनिक शासन में एआई” विषय पर एक ‘सामूहिक चर्चा’ का आयोजन किया। इस चर्चा में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया और एआई के उपयोग, चुनौतियों तथा संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि एआई के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण, जागरूकता और संस्थागत ढांचे को मजबूत करना आवश्यक है। साथ ही, नैतिकता और जवाबदेही के मानकों को भी समान रूप से महत्व दिया जाना चाहिए।
सरकार की यह पहल डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को आगे बढ़ाने के साथ-साथ प्रशासनिक सुधारों को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है। आने वाले समय में एआई आधारित समाधान सरकारी कार्यप्रणाली का अहम हिस्सा बन सकते हैं।


























